दिल्ली एम्स में बर्ड फ्लू से गुड़गांव के बच्चे की मौत के मामले में केंद्रीय पशुपालन व डेयरी विभाग ने जांच कमेटी का गठन किया है। विभाग ने महामारी विज्ञान के आधार पर इस मामले की जांच के लिए संयुक्त आयुक्त डॉ. एच. आर. खन्ना की निगरानी में डॉ. विजय तेवतिया और एनसीडीसी के डॉ. रोवंती एन बागे को जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में भोपाल स्थित आईसीएआर के प्रतिनिधि भी मौजूद होंगे।
उधर दिल्ली एम्स ने बच्चे का मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया है। एम्स के बालरोग विभाग की डॉ. रचना सेठ का कहना है कि एक्यूट ल्यूकेमिया के चलते बच्चे की मौत हुई है। बच्चा कीमोथैरेपी पर चल रहा था। उसकी हालत खराब होने पर एम्स लाया गया था जहां उसे आईसीयू और फिर वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी दौरान बच्चे में उच्च बुखार के चलते सैंपल की जांच पुणे स्थित लैब भेजी गई जहां इंन्फ्लूएंजा ए और बी की पुष्टि हुई।
अमर उजाला ने 21 जुलाई को प्रकाशित की खबर में एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के हवाले से यह जानकारी दी थी कि बच्चे को एक्यूट ल्यूकेमिया कैंसर के चलते भर्ती किया था लेकिन बाद में उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई।
बहरहाल इस मामले में उच्च स्तरीय जांच शुरू हो चुकी है। नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने एक दिन पहले बयान जारी किया था कि परिवार को आइसोलेट कर दिया है। एम्स में भर्ती अन्य बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। परिवार में भी कोई सदस्य संक्रमित नहीं मिला है। साथ ही गुड़गांव स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के 10 किलोमीटर के क्षेत्र को सर्विलांस पर लिया है लेकिन अब तक किसी भी तरह के संक्रमण का कोई संदिग्ध मामला भी नहीं मिला है।