क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंश्योरेंस पॉलिसी की ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़वाने, नई इंश्योरेंस पॉलिसी और निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अभय किशोरी (34), सुनील बेदी (35) और अनिल कुमार झा (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल, चार सिमकार्ड, एक डेबिट कार्ड और कुल 13 बैंक खातों में 2.06 लाख रुपये बरामद किए हैं। गैंग के सरगना की 24 मार्च 2021 को एक सड़क हादसे में पहले ही मौत हो गई। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
अपराध शाखा की साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त मनोज सी ने बताया कि वर्ष 2020 में अर्जुन कुमार नामक शख्स ने 11.44 लाख ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अर्जुन ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने उनकी मौजूदा इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी देते हुए इसकी ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़वाने की बात की। अर्जुन इसके लिए तैयार हुआ तो आरोपी ने अलग-अलग मदों में रुपये ट्रांसफर करवा लिये। बाद में पीड़ित को ठगी का पता चला तो मामले की शिकायत दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि सात अलग-अलग बैंक खातों में ठगी की रकम गई थी। बैंक खातों की जांच के बाद पुलिस ने पहले सात दिसंबर को आरोपी अभय किशोर को मोहन गार्डन उत्तम नगर से दबोच लिया। इससे पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपी सुनील बेदी और अनिल कुमार को दबोच लिया। तीनों से पूछताछ के बाद पता चला कि गैंग सरगना कुरेश की पहले ही सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने खुलासा किया है। कुरेश पॉलिसी धारकों की जानकारी जुटाकर उनको कॉल करता था। इसके बाद उनसे अलग-अलग मदों में रकम ट्रांसफर करवा लिए जाते थे। कुरेश सुनील बेदी और अभय किशोर से सिमकार्ड और अकाउंट लेता था। अनिल कुमार दो हजार रुपये लेकर कुरेश को सिमकार्ड उपलब्ध करवाते थे। कुरेश अकाउंट में रुपये डलवाने के बदले खाता धारकों को कमीशन देता था। पकड़ा गया आरोपी अभय किशोर ग्रेजुएट है। बाकी दोनों छोटा-मोटा काम करता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।