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खुद को पे एंड अकाउंट अफसर बता कर रहा था कई मंत्रालयों से ठगी

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खुद को पे एंड अकाउंट अफसर बता कर रहा था कई मंत्रालयों से ठगी
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नई दिल्ली। खुद को तमिलनाडु सरकार का पे एंड अकाउंट अफसर बताकर कई मंत्रालयों से ठगी करने के प्रयास के मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने एक शातिर ठग को दबोचा है। आरोपी की पहचान असम निवासी नूर मोहम्मद अली (21) के रूप में हुई है। नूर खुद को ललित डागर बताकर पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) से अपनी आईडी रजिस्टर्ड कराने की अनुमति मांग रहा था। पीएफएमएस वित्त मंत्रालय की एक संस्था है जो सभी मंत्रालयों के बिलों के भुगतान को अनुमति देती है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की शिकायत पर आरोपी को दबोचा गया है। इससे पूर्व आरोपी ठीक इसी तरह स्वास्थ्य मंत्रालय को 3.80 करोड़ का चूना लगा चुका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। जून माह में ही आरोपी जेल से छूटकर बाहर आया था। दोबारा आरोपी ने इसी तरह ठगी का प्रयास किया।
साइबर क्राइम यूनिट के पुलिस उपायुक्त अनीश रॉय ने बताया कि 25 जून को श्रम मंत्रालय के अधिकारियों ने साइबर क्राइम यूनिट को शिकायत दी थी। मंत्रालय की ओर से आई शिकायत में बताया गया था कि किसी ललित नामक शख्स ने खुद को तमिलनाडु सरकार का पे एंड अकाउंट ऑफिसर बताकर अपनी आईडी की अनुमति मांगी थी। आईडी को अनुमति पीएफएमएस को देना था। अधिकारियों ने जब इसके मेल की जांच की तो इसे संदिग्ध पाया। आरोपी की पड़ताल में उसे फर्जी पाया गया। आरोपी से कागजात मांगे गए तो उसने तमिलनाडु सरकार का फर्जी लेटर हेड लगाया, इसके अलावा बाकी कागज भी फर्जी प्रस्तुत किए। शिकायत मिलते ही फौरन एसीपी आदित्य गौतम, इंस्पेक्टर परवीन व अन्यों की टीम छानबीन शुरू की।
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मेल आईडी व अन्य टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी के असम के मोरेगांव में होने का पता चला। पुलिस की टीम ने उसे मोरे गांव से दबोच लिया। श्रम मंत्रालय के अलावा, कोयला मंत्रालय, कानून मंत्रालय नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालय की ओर से भी इसी तरह की शिकायतें मिली थीं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह खुद को पे एडं अकाउट्स ऑफिसर बताकर अलग-अलग मंत्रालयों को चूना लगाने की तैयारी कर रहा था। लेकिन उससे पूर्व ही पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी के पास से कुछ उपकरण, मोबाइल व धोखाधड़ी में इस्तेमाल एक सिम बरामद की गई है।
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