चांदनी चौक इलाके में नो एंट्री जोन ने अब ज्वेलरों की मुसीबत बढ़ा दी है। कूंचा महाजनी के ज्वैलर्स इस वजह से परेशान हो रहे हैं कि उनके सोने व चांदी से लदी गाड़ियों को भी प्रवेश नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में चोरी होने की संभावना भी बढ़ गई है।
इस मुद्दे को लेकर सोमवार को ज्वेलरों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल से भी मिलेगा। सोने की गाड़ियों के प्रवेश मे हो रही दिक्कतों को लेकर चांदनी चौक कूंचा महाजनी के ज्वेलरों की परेशानी बढ़ गई है। दी बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन कूंचा महाजनी के चेयरमैन योगेश सिंघल ने बताया कि भविष्य मे कोई असुविधा या सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ होने का खतरा बराबर मंडरा रहा है। सभी वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है। इस वजह से वाहन बाहर ही रोक दिए जाते हैं। पूरा माल कहीं दूर उतारने की मजबूरी होती है।
एसोसिएशन के महामंत्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि गोल्ड वाले वाहन को बाहर ही रोक दिया जाता है। चार-पांच लॉजिस्टेटिक कंपनी सूचीबद्ध है। जिसे कूंचा महाजनी के गेट तक आने की छूट मिली है। लेकिन नो एंट्री की वजह से लाल किले तक ही रोक दिया जाता है। अब उन्हें कूंचा महाजनी तक खुले में लाना पड़ता है। इस वजह से वारदात होने का खतरा रहता है। गाड़ियां आने की अनुमति मिलनी चाहिए। करेंसी वाले वाहनों की तरह गोल्ड के वाहनों को भी प्रवेश की अनुमति है, लेकिन इसमें भी परेशानी हो रही है। दरिबा कला के ज्वेलर तरुण का कहना है कि चांदनी चौक की खूबसूरती ही थी बाजार। सौंदर्यीकरण की आड़ में बाजार की रौनक ही चली गई है। खरीदार अब बाजार से गायब है।
सरोजनी नगर के दुकानदारों को आई कार्ड जारी किया गया
अवैध तरीके से सजने वाली दुकानों पर पाबंदी लगाने के लिए सरोजनी नगर के दुकानदार व दुकान पर काम करने वाले कर्मियों का आईकार्ड जारी किया गया है। बिना आई-कार्ड के इस मार्केट में दुकान खोलने की अनुमति नहीं है।
सरोजनी नगर मिनी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने तो आई कार्ड बनाने का निर्देश दे दिया है। सभी दुकानदारों ने बढ़चढ़ कर आई-कार्ड अपने-अपने कर्मियों को जारी कर दिया है। लेकिन सिर्फ इस पहल से अवैध रूप से लगने वाले बाजार पर काबू पाना मुश्किल है। प्रशासन को इसके लिए सख्त कदम उठाने होंगे।