समर एक्शन प्लान के तहत दिल्ली सरकार ने एंटी ओपन बर्निंग अभियान शुरू किया है। सरकार 12 मई तक इस अभियान को चलाएगी, जिसके तहत 500 से अधिक तैनात की गई टीमों ने लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया। साथ ही, 21 लोगों को चालान जारी किया है। अभी तक 1915 स्थलों का निरीक्षण किया गया है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि एंटी ओपन बर्निंग अभियान के तहत 10 विभागों की 500 टीम तैनात की गई हैं, जो 24 घंटे आग की घटनाओं की निगरानी करती हैं और त्वरित कदम उठा रही हैं। यह टीमें पर्यावरण विभाग को रिपोर्ट सौंपती है।
राय ने बताया कि लैंडफिल साइट पर आग की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए एमसीडी को सभी उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। 20 अप्रैल से औद्योगिक इकाइयों की जांच के लिए डीपीसीसी द्वारा स्पेशल ड्राइव शुरू किया जाएगा। इसके तहत जहां भी पर्यावरण के नियमों का पालन नहीं होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी औद्योगिक इकाई पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करती मिली तो उस पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
लैंडफिल साइट मामले में उच्चस्तरीय बैठक
लैंडफिल साइट पर आग की घटनाओं को लेकर 21 अप्रैल को दिल्ली सचिवालय में बैठक होगी। डीपीसीसी, एमसीडी, आईआईटी दिल्ली, पर्यावरण विभाग, टेरी, डीटीयू, सीएसई और अन्य सभी संबंधित विभागों के विशेषज्ञ बैठक में शामिल होंगे।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में रोड साइड ग्रीन कवर को बढ़ाने को लेकर भी पीडब्लूडी को स्पेशल टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। पीडब्लूडी ने इस पर कार्य करना शुरू कर दिया है। उनके द्वारा जारी की गई रिपोर्ट पर जल्द से जल्द रोड साइड ग्रीन कवर बढ़ाने का काम शुरू किया जाएगा।