नए कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। दोपहर 12 से 3 बजे तक राष्ट्रीय और राज्य हाईवे बंद रखे जाएंगे और उसके बाद एक मिनट तक किसान अपने वाहनों के हॉर्न बजाकर विरोध जताएंगे। इमरजेंसी सेवाओं एंबुलेंस, स्कूल बस, सुरक्षा बलों के वाहन भी नहीं रोके जाएंगे। हालांकि, इस पर किसान नेताओं की राय अलग-अलग है।
सिंघु बॉर्डर पर बातचीत में हरियाणा बीकेयू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि चक्का जाम दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर हरियाणा समेत पूरे देश में होगा, लेकिन भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि यूपी-उत्तराखंड के किसान इसमें शामिल नहीं होंगे। कृषि कार्य और परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विरोध के तौर पर सौ से कम संख्या में किसान जिला कलक्ट्रेट और तहसील स्तर पर अधिकारियों को ज्ञापन देंगे। इनमें कृषि कानून वापस लेने, एमएसपी पर गारंटी और गन्ने बकाया समेत अन्य मुद्दे शामिल होंगे।
देर रात संयुक्त किसान मोर्चा के नेता डा. दर्शनपाल ने बताया कि संगठन को इनपुट मिला था कि कुछ राजनीतिक दल आंदोलन में अराजकता फैला सकते हैं। इसे देखते हुए यूपी-उत्तराखंड में रणनीति बदली गई है। बाकी कार्यक्रम पूर्ववत रहेगा। किसान नेता शिवकुमार कक्का का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर की सीमाएं पहले ही बंद हैं। इसलिए यहां चक्का जाम नहीं होगा। पूरे देश में चक्का जाम रहेगा। उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सीमाओं पर कई स्तरीय सुरक्षा करने के साथ अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी है। हर दो घंटे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वहां के हालात से अवगत कराएंगे।
मोर्चा ने ये जारी किए दिशा-निर्देश
- देशभर में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम किया जाएगा।
- इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं जैसे एंबुलेंस, स्कूल बस आदि को नहीं रोका जाएगा।
- चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। प्रदर्शनकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस कार्यक्रम के दौरान किसी भी अधिकारी, कर्मचारियों या आम नागरिकों के साथ किसी भी टकराव में शामिल न हों।
- दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम नहीं होगा। सभी विरोध स्थल पहले से ही चक्का जाम मोड़ में हैं। दिल्ली में प्रवेश करने के लिए सभी सड़कें खुली रहेंगी। सिवाय उनके, जहां पहले से ही किसानों के पक्के मोर्चे लगे हुए हैं।
- 3 बजे 1 मिनट तक हॉर्न बजाकर किसानों की एकता का संकेत देते हुए चक्का जाम कार्यक्रम संपन्न होगा। जनता से भी अन्नदाताओं का समर्थन करने की अपील की गई है।