कोरोना वायरस से बचाव के लिए 14 दिन में एक लाख कर्मचारियों को टीका लगाने में कामयाबी मिली है। देश के बाकी राज्यों की तुलना करें तो उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के बाद दिल्ली तीसरा ऐसा राज्य है जिसने सप्ताह में चार दिन टीकाकरण कार्यक्रम चलाते हुए यह लक्ष्य महज दो सप्ताह में हासिल किया है।
आंकड़ों के अनुसार बीते बृहस्पतिवार तक दिल्ली में 90927 लोगों को टीका लगाया जा चुका था। इसके बाद शुक्रवार को राजधानी में लगातार दूसरे दिन नौ हजार से अधिक लोगों को कोरोना वायरस का टीका देने में कामयाबी हासिल हुई है। 9216 स्वास्थ्य कर्मचारियों के अलावा दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासनिक कर्मचारियों ने भी टीका की पहली खुराक ली है।
इसी के साथ ही दिल्ली में अब तक 1,00,143 लोग कोरोना टीका ले चुके हैं। हालांकि अभी लक्ष्य पूरा करने में समय लग सकता है क्योंकि दिल्ली में 2.34 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी और 80 हजार पुलिस जवान के अलावा सिविल डिफेंस, निगम कर्मचारियों को भी टीका लगना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 184 केंद्रों पर 9216 लोगों को टीका दिया गया। इस दौरान 12 लोगों ने टीका लगने के बाद दर्द और हल्के बुखार की शिकायत दर्ज कराई है लेकिन एक भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत नहीं आई।
कोवाक्सिन टीका के लिए 33 जगहों पर 1060 लोगों को खुराक दी गई। जबकि 151 जगहों पर 8156 लोगों को कोविशील्ड का टीका दिया गया। जिलावार स्थिति देखें तो सेंट्रल दिल्ली में 30 सत्र के दौरान 1137 लोगों को टीका दिया गया। हालांकि जिले को एक दिन में तीन हजार कर्मचारियों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया गया था।
वहीं पूर्वी जिला में 12 जगहों पर 383, नई दिल्ली में 15 जगहों पर 710, उत्तरी जिले में 6 जगहों पर 395, उत्तर पूर्वी में पांच जगहों पर 441, उत्तर पश्चिम में 22 जगहों पर 1021, शाहदरा में 14 जगहों पर 864 लोगों को टीका दिया गया। इनके अलावा दक्षिणी दिल्ली में 1262, दक्षिणी पूर्वी में 883, दक्षिणी पश्चिमी में 932 और पश्चिमी दिल्ली जिला में 1218 कर्मचारियों को कोरोना का टीका दिया है।
तीन और जिला कलेक्टर ने लिया कोरोना का टीका
कोरोना टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए जहां सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ साथ फ्रंटलाइन वर्करों को भी टीका देना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को तीन जिला के प्रमुख अधिकारियों ने कोरोना टीका की पहली खुराक ली। उत्तरी पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी पंकज कुमार ने टीका लेने के बाद सोशल मीडिया पर अपने वीडियो मैसेज के जरिए लोगों से आगे आकर टीकाकरण में सहभागिता करने की अपील की है।
वहीं पश्चिमी जिलाधिकारी नेहा बंसल ने टीका लेने के बाद सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इनके साथ एडीएम, चार एसडीएम ने भी टीका लेकर जिला प्रशासन के अन्य कर्मचारियों से आगे आने की अपील की है। इनके अलावा उत्तरी पश्चिमी जिलाधिकारी चेष्ठा यादव ने रोहिणी स्थित बाबा भीमराव आंबेडकर अस्पताल में कोरोना का टीका लिया। यहां मौजूद सेल्फी बूथ पर उन्होंने अस्थायी प्रमाण पत्र के साथ फोटो खिंचाकर अपने जिले के वॉट्सग्रुप पर भी साझा की।
इनका कहना है कि एक शीर्ष अधिकारी होने के नाते उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह सबसे पहले कोरोना का टीका लें। ताकि निचले स्तर तक एक बेहतर संदेश पहुंचाया जा सके और कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमण से सुरक्षित किया जा सके। इनके अलावा दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के तहत दक्षिणी क्षेत्र के अधिकारी आईएएस जी सुधाकर ने भी मेडिओर अस्पताल में जाकर कोरोना का टीका लगवाया।
पांच अस्पतालों में आरक्षित बिस्तर हुए कम
कोरोना संक्रमण के घटते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने आरक्षित बिस्तरों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने राजधानी के पांच बड़े सरकारी अस्पतालों में आरक्षित बिस्तरों को कम कर दिया है। इसके तहत 1470 बिस्तरों को अब सामान्य रोगियों के लिए इस्तेमाल में लाने की अनुमति दी गई है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लोकनायक अस्प्ताल में 300, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 500, रोहिणी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में 50, बुराड़ी अस्पताल में 320 और अंबेडकर नगर अस्पताल में 300 बिस्तरों को कोविड आरक्षण की सूची से हटा दिया गया है। इससे पहले तक दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना वायरस को लेकर 6265 बिस्तरों को आरक्षित रखा गया था लेकिन अब इसमें 1470 बिस्तरों को गैर कोरोना रोगियों के लिए इस्तेमाल की अनुमति प्रदान कर दी है। इसी के साथ ही अब दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर 4795 बिस्तर आरक्षित रहेंगे।