केंद्र ने कहा कि अगस्त 2018 में उसने रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) को भूमि के हस्तांतरण के लिए मंजूरी दे दी। वहां के अनधिकृत अतिक्रमण को हटाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार कार्रवाई कर रहा है।
उत्तरी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में झुग्गी बस्ती में रह रहे पाकिस्तान से आए 200 हिंदू शरणार्थियों ने बिजली के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसको लेकर शरणार्थियों ने याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली और केंद्र सरकार से जवाब तलब किया था।
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अपने जवाब में केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट से कहा कि पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी उत्तरी दिल्ली में रक्षा भूमि पर अवैध शिविरों में रह रहे हैं। वे जमीनों पर अतिक्रमण कर रह रहे हैं। बिजली कनेक्शन की मांग करने वाली याचिका गलत होने के कारण खारिज की जानी चाहिए।
केंद्र ने आगे कहा कि अगस्त 2018 में उसने रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) को भूमि के हस्तांतरण के लिए मंजूरी दे दी। वहां के अनधिकृत अतिक्रमण को हटाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार कार्रवाई कर रहा है। मोदी सरकार ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने दिल्ली जल बोर्ड और नॉर्थ दिल्ली पावर लिमिटेड के सामने भी इस मामले को उठाया है और कहा है कि अवैध रूप से आवास बनाकर रह रहे इन शरणार्थियों को बिजली और पानी की सुविधा न दी जाय।