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सरकार ने जताई चिंता: संक्रमण फैलाने का बड़ा आयोजन बन सकता है किसानों का प्रदर्शन, रद्द करने का किया आग्रह

Tue, 25 May 2021 01:08 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की विनाशकारी दूसरी लहर के तीन सप्ताह के अंदर अब तक एक तिहाई मौत हो चुकी है और इसकी बड़ी वजह देश में चुनाव और कुंभ मेले जैसे राजनीतिक-धार्मिक आयोजनों को माना जा रहा है। 
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किसान आंदोलन का एक दृश्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने सोमवार को 26 मई को आयोजित होने वाले किसानों के देशव्यापी प्रदर्शन को रद्द करने का आग्रह किया है। सरकार को चिंता है कि देश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा तीन लाख के पार पहुंच चुका है, ऐसे में यह विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम सुपरस्प्रेडर साबित हो सकता है।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की विनाशकारी दूसरी लहर के तीन सप्ताह के अंदर अब तक एक तिहाई मौत हो चुकी है और इसकी बड़ी वजह देश में चुनाव और कुंभ मेले जैसे राजनीतिक-धार्मिक आयोजनों को माना जा रहा है। देश में दूसरी लहर में मिले वायरस के नए स्वरूप से भी तबाही आई है। किसानों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उनके आंदोलन के छह माह बुधवार को पूरे हो जाएंगे और इस मौके पर नए कृषि कानून के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपील की है कि तीनों कानून वापस लें। किसान संक्रमित होने के खतरे को नजरअंदाज करते हुए दिल्ली की सीमाओं पर डेरा जमाए बैठे हैं।

किसान संगठनों की संयुक्त समिति ने हमारी इच्छा प्रदर्शन कर रहे किसानों या दूसरों के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डालना है। लेकिन इस कानून से खेती-किसानी कॉरपोरेट के हाथ में चली जाएगी और हमारी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। यह किसानों के लिए जिंदगी और मौत का मामला है। इस बीच, देश में एक बड़ा वोट बैंक माने जाने वाले किसानों के इस प्रदर्शन को विपक्ष का भी समर्थन मिल गया है। कांग्रेस समेत 12 विपक्षी दलों ने बयान जारी कर प्रदर्शन को समर्थन दिया है। 
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कुंभ या चुनाव वाले राज्यों जैसा न हो हाल
किसानों के इस प्रदर्शन को लेकर डर यह है कि दिल्ली की सीमाओं पर आयोजित यह सामूहिक जमावड़ा संक्रमण फैलाने का बड़ा आयोजन न बन जाए। ठीक वैसे, जैसे पिछले महीने में आयोजित कुंभ या फिर चुनाव वाले राज्यों में आयोजित भीड़-भाड़ वाली रैलियों की वजह से हुआ था। 
 
पंजाब के मुख्यमंत्री ने किसानों से प्रदर्शन न करने को कहा
कांग्रेस भले ही किसानों के समर्थन में हो, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने उनसे प्रदर्शन न करने की अपील की है। उन्होंने एक बयान जारी कहा, कृपया गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई न करें। जब लोगों की जान को खतरा हो, तो इस तरह का प्रदर्शन पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

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