ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की जांच में कई अफसरों से पूछताछ की
पार्किंग ठेकों में पारदर्शिता की कमी, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और रेवेन्यू में हेराफेरी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी मुख्यालय सिविक सेंटर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पार्किंग विभाग में छापा मारा।कार्रवाई सुबह से लेकर देर शाम तक जारी रही। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने सिविक सेंटर की 25वीं मंजिल पर स्थित पार्किंग विभाग के कार्यालय में फाइलों की जांच की और अधिकारियों से लंबी पूछताछ की।
सीबीआई को कुछ शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि एमसीडी के अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ पार्किंग ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया है। आरोपों में यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने पार्किंग ठेकों में पारदर्शिता की कमी, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और रेवेन्यू में हेराफेरी की है। इसके अलावा कुछ ठेकेदारों की ओर से तय क्षेत्र से अधिक क्षेत्र में पार्किंग चलाने का नक्शा भी जमा कर रखा है। इस तरह के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। कई कर्मचारियों पर गाज भी गिरी है। अब सीबीआई की कार्रवाई ने एमसीडी के भीतर चल रहे कथित भ्रष्टाचार के मामलों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है।
बता दें कि एमसीडी का पार्किंग विभाग पहले भी अनियमितताओं के चलते सुर्खियों में रहा है। बीते वर्ष अदालत ने एमसीडी की पार्किंग नीति में गड़बड़ियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के प्रमुख को हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारी को पद से हटाया था। उधर, इस पूरे घटनाक्रम पर एमसीडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन एमसीडी के उच्च अधिकारियों में हलचल बनी हुई है। अब यह देखना अहम होगा कि सीबीआई की यह जांच किस दिशा में जाती है और किन अधिकारियों की भूमिका इस प्रकरण में सामने आती है।