नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव का कहना है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में जितने केस दर्ज हुए हैं, उतने तो 1984 के दंगों में भी नहीं हुए थे। हर पीड़ित को अपनी बात कहने और केस दर्ज करवाने का मौका दिया जा रहा है। दिल्ली दंगों की निष्पक्ष जांच हो रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। दिल्ली में अपराध को लेकर जो पीसीआर कॉल आती है उनमें से हर कॉल पर केस दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा हैै। अमर उजाला संवाददाता पुरुषोत्तम वर्मा से वीडियो कॉन्फ्रेंस से पुलिस आयुक्त ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। हालांकि तब्लीगी मरकज के मौलाना मोहम्मद साद पर कानूनी कार्रवाई पर किए गए सवाल को वह टाल गए।
पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि दिल्ली दंगों को लेकर कुल 752 केस दर्ज हुए हैं। 1300 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं। दिल्ली पुलिस के इतिहास में अब तक इतनी संख्या में केस एक साथ दर्ज नहीं हुए। 215 केसों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा और न ही किसी के साथ भेदभाव किया जाएगा। पुलिस दंगों की तह तक जाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया में वायरल हो रहे पत्र के बारे में भी पुलिस आयुक्त ने अपनी बात रखी। गौरतलब है कि इस लेटर में कथित तौर पर कहा गया है कि दिल्ली दंगों को लेकर एक समुदाय के लोगों को ही गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि पत्र सही है, पर उसके तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन से पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली, जामिया नगर समेत अन्य जगहों के मुस्लिम समाज के 8-10 लोग आए थे और उन्होंने सुरक्षित नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद इन जगहों पर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई। दिल्ली दंगों की बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से जांच हो रही है। सुबूत मिलने के बाद ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
हर कॉल पर केस रजिस्टर्ड किया जा रहा
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने बताया कि उनके कार्यकाल में हर पीसीआर कॉल पर केस रजिस्टर्ड करने पर जोर दिया जा रहा है। जितनी पीसीआर कॉल आती हैं उन पर केस रजिस्टर्ड करने का प्रतिशत अब 22.61 हो गया है। जून महीने में जो कॉल आई उनमें से 46.1 फीसदी कॉल पर केस दर्ज किए गए। पहले से प्रतिशत सिर्फ 11.86 था। पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अपराध को छिपाना गुनाह है
पुलिस आयुक्त श्रीवास्तव ने कहा कि अपराध को छिपाना बहुत बड़ा गुनाह है। उन्होंने सभी अधीनस्थ कर्मचारियों को आदेश दिया है कि हर वाजिब कॉल पर केस दर्ज करें। भले ही केस दर्ज करने से अपराध का डाटा बढ़ जाए। इससे डरने की जरूरत नहीं है। अपराध का डाटा बढ़ने वह कुछ नहीं कहेंगे। वह उनके खिलाफ नहीं जाएगा। केस दर्ज होंगे तभी अपराधी पकड़े जाएंगे और अपराध खत्म होगा। कोविड-19 के चलते अपराधी बाहर आ रहे हैं इससे पुलिस की परेशानी बढ़ी है। अपराधी से अपराध करने की वजह भी पूछी जा रही है।
अब तक 80913 लोगों के कोविड चालान
दिल्ली पुलिस के मुखिया ने कहा कि दिल्ली में कोरोना का प्रकोप कम हो रहा है। इसके बावजूद सावधान रहने की जरूरत है। सजग रहना जरूरी है। जो सजग नहीं रहते वह अपना व समाज का नुकसान करते है। पुलिस समाज का विकल्प नहीं है। लोगों को पुलिस का सहयोग करना जरूरी है। दिल्ली पुलिस ने अभी तक 80913 लोगों के कोविड चालान किए हैं और एक लाख 47 हजार 752 लोगों को मास्क बांटे हैं। उन्होंने कहा कि चालान काटने का उद्ेश्य सरकारी खजाने को भरना नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।