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नरेला में इमारत गिरने का मामला : खंडहर बने फ्लैट, नीचे का हिस्सा किया खोखला

Sat, 12 Feb 2022 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

लोगों ने सरिया कर लिया है चोरी, हादसे के समय इमारत में बैठकर कर रहे थे बकरियों की निगरानी।
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सरिये चोरी करके इसी तरह कमजोर कर दी गई हैं इमारतें.... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इमारत में लगे लोहे के सरिया की चोरी होने की वजह से फ्लैट खंडहर में तब्दील हो चुके थे। उनका निचला हिस्सा खोखला हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि चोरों की वजह से जर्जर हुई इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मरने वाले सभी लोग वहां बकरी चराने गए थे। घटना के समय सभी फ्लैट के निचले हिस्से में बैठकर बातचीत कर रहे थे।

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वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि अफरीन के ऊपर सबसे पहले इमारत का एक भारी हिस्सा गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहां मौजूद अन्य लोग जब तक वहां से भाग पाते इमारत का पूरा हिस्सा भरभराकर गिर गया। फातिमा और शहनाज भागने लगी, लेकिन दोनों मलबे की चपेट में आ गई। शहनाज की कमर में चोट है।

आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। साथ ही, इलाके से लोग वहां पहुंच गए और मलबा हटाने का काम करने लगे। इस दौरान पास के फायर स्टेशन से दमकल कर्मी पहुंच गए और दोनों महिला को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि बचाई गई महिलाओं को ज्यादा चोट नहीं है। चोरी की बाबत पूछे जाने पर पुलिस अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि इमारत का रखरखाव नहीं हो रहा है, जिसकी वजह से काफी जर्जर अवस्था में थी।
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रोज बकरी चराने जाते थे लोग
मृतका रुकैया के बेटे अली इमाम ने बताया कि उसकी मां रोज बकरी चराने के लिए वहां जाती थी। फ्लैट के पास काफी घास है। इसलिए जेजे कालोनी से ज्यादातर लोग वहां बकरी चराने के लिए जाते हैं। उनका बकरी पालन का काम है। शुक्रवार को तेज हवा चलने के कारण सभी इमारत के नीचे बैठे थे। इमाम ने बताया कि वह नौ भाई-बहन हैं। उसकी सात बहनें हैं। उसके पिता लकवाग्रस्त हैं। किसी को इस बात का तनिक भी एहसास नहीं था कि इमारत अचानक गिर जाएगी। शहजाद की मौसी अनवरी ने बताया कि शहजाद पहली बार इस जगह पर गया था। उन लोगों को पता होता कि वहां जाने से उसकी मौत हो जाएगी तो वह उसे वहां नहीं जाने देते। जिस जगह पर घटना हुई है वहां से इन लोगों के घर करीब 600 मीटर पर हैं।

धमाके की आवाज सुनकर पहुंचे लोग
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय कॉलोनी में रहने वाले लोग बाहर अपने कामों में व्यस्त थे। इमारत के गिरने की आवाज सुनते ही लोग उस ओर दौड़ पड़े। लोगों ने मलबे में दबी महिलाओं व बच्चों के आवाज सुनी थी। पुलिस को सूचित करने के बाद लोगों ने काफी सावधानी से मलबे को हटाना शुरू भी कर दिया था, लेकिन जब वह मलबा हटाने लगे तो ऊपर से बिल्डिंग का मलबा उन पर गिरने लगा। इसके बावजूद लोगों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर मलबे को हटाकर दबे दो महिलाओं को बाहर निकालने में मदद की।

महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा
हादसे के बाद घायलों को महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां घायलों के परिजनों ने पहुंचकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देखकर पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल को भी तैनात कर स्थिति पर काबू करने की कोशिश की। पीड़ितों का आरोप था कि डॉक्टर उनको उनके मरीजों के बारे में सही जानकारी नही दे रहे हैं। उनका सही तरह से भी उपचार नही किया जा रहा है।

जिंदा निकली बकरी
दमकलकर्मी मलबा हटाने का काम कर रहे थे। एक जगह मलबा हटाने पर नीचे से कुछ हरकत हुई। जब राहत कार्य में जुटे लोग वहां से मलबा हटाने लगे तो उसमें से एक बकरी फंसी हुई मिली। उसके शरीर पर खरोंच तक नहीं आई थी। उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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