द्वारका सेक्टर-22 में बृहस्पतिवार रात दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई और बीच सड़क पर चार से पांच बार पलटी। इस दौरान उसमें सवार मयंक (11) का सिर खिड़की से बाहर निकल गया, जिससे उसकी गर्दन धड़ से अलग हो गई और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। उसके पिता सुजीत (35) और बहन त्रिशका (2) का इलाज जारी है। द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद मयंक का शव परिवार को सौंप दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, पोचनपुर इलाके में रहने वाले सुजीत के परिवार में मां, पत्नी, बेटी त्रिशका और बेटा मयंक था। उनकी इलाके में ही प्रॉपर्टी है, जिससे उन्हें किराया आता है। रात में परिवार किसी रिश्तेदार के यहां कार से गया था।
कार चला रहे सुजीत के साथ पत्नी दोनों बच्चे व मां थी। देर रात वापस लौटते समय चालक की बराबर वाली सीट पर मयंक बैठा था। पीछे त्रिशका को गोद में लेकर सुजीत की पत्नी व मां बैठी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। जैसे ही कार सेक्टर-22, शुभम अपार्टमेंट के सामने पहुंची तो अचानक डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे के समय मयंक की खिड़की का शीशा खुला हुआ था।
भयावह मंजर देखकर कांप गए प्रत्यक्षदर्शी
प्रत्यक्षदर्शी अनीश ने बताया कि वह फोन पर बात करते हुए जा रहा था। अचानक उसे तेज आवाज आई और उसने देखा कि सेक्टर-23 की ओर से आ रही कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। कार सवार बच्चे की गर्दन धड़ से अलग हुई और उसका सिर दूर जा गिरा। वह भी यह भयावह मंजर देखकर कांप गया। उसने अन्य लोगों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला। मयंक को निकालने की कोई भी हिम्मत नहीं जुटा सका। पीसीआर की गाड़ी ने घायलों को आयुष्मान अस्पताल पहुंचाया। मयंक की मां और दादी को मामूूली चोट लगी। पिता सुजीत और गंभीर घायल हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से मामले की जांच कर रही है।