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राजधानी की हवा खराब : बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कसने की तैयारी, दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू

Fri, 23 Oct 2026 08:59 AM IST
Digvijay Singh एएनआई, दिल्ली

सार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 223 दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय राजधानी को 'खराब' श्रेणी में रखता है।
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दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 223 दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय राजधानी को 'खराब' श्रेणी में रखता है। इससे एक दिन पहले, गुरुवार सुबह 7 बजे राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 226 दर्ज किया गया था, जो तब भी 'खराब' श्रेणी में ही था। यह स्थिति वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार का संकेत देती है।

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विभिन्न क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, जहांगीरपुरी में 284, रोहिणी में 281 और पंजाबी बाग में 275 दर्ज किया गया, जो सभी 'खराब' श्रेणी में आते हैं। इसी तरह, बवाना में 269, पटपड़गंज में 263, अलीपुर में 257, चांदनी चौक में 245 और आया नगर में 231 वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया, जो सभी 'खराब' श्रेणी के अंतर्गत हैं। वजीरपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 222 और आनंद विहार में 219 दर्ज किया गया, जो दोनों 'खराब' श्रेणी में हैं। वहीं, अशोक विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 192 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है।
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' के पहले चरण को लागू करने का निर्णय लिया, क्योंकि वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी हुई थी। यह निर्णय 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान उप-समिति द्वारा पूरे क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा करने और इसे और बिगड़ने से रोकने के लिए एहतियाती उपायों की आवश्यकता का आकलन करने के बाद लिया गया।

इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के पहले चरण के तहत उपायों की समीक्षा के लिए एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक आयोजित की। बैठक में अधिकारियों ने दिल्ली की सीमाओं पर नियमों का पालन न करने वाली बसों को दूसरी तरफ मोड़ने, एक नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू करने, प्रदूषण प्रमाणपत्रों की जांच करने, और सड़क की धूल तथा निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। 

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