अब इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई)का दर्जा पाने वाली डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी विदेश में भी अपना कैंपस खोल सकेंगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने संशोधित यूजीसी रेगुलेशन (आईओई डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) 2021 लागू कर दिया है। खास बात यह है कि ऐसे संस्थान भारत के अंदर एक साल में एक ऑफ कैंपस और पांच साल में तीन ऑफ कैंपस खोल सकेंगे।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से संशोधित यूजीसी रेगुलेशन (आईओई डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) 2021 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत यूजीसी ने पहला ऐसा रेगुलेशन बनाया है, जोकि डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी में लागू होगा। हालांकि ऐसी यूनिवर्सिटी को यूजीसी व केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा मेडिकल प्रोग्राम के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन से अनुमति लेनी अनिवार्य रहेगी।
ऑनलाइन व डिस्टेंस मोड से डिग्री:
ऐसे संस्थान ऑनलाइन पाठ्यक्रम के साथ डिग्री की पढ़ाई भी करवा सकेंगे। इसके अलावा डिस्टेंस मोड से पढ़ाई करवाने की भी आजादी होगी। स्नातकोत्तर व रिसर्च प्रोग्राम में पांच सौ छात्र रख सकेंगे। बहुविषयक डिग्री प्रोग्राम, कम से कम पांच स्नातकोत्तर प्रोग्राम शुरू करने होंगे।
10 छात्रों पर एक शिक्षक :
पहले पांच साल तक ऐसे कैंपस में 20 छात्रों पर एक शिक्षक होगा। लेकिन बाद में 10 छात्रों पर एक शिक्षक होगा। इसका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। जोकि अंतरराष्ट्रीय छात्र-शिक्षक अनुपात से अधिक होगा।
60 फीसदी नियमित शिक्षक होंगे:
इसके तहत 60 फीसदी नियमित शिक्षकों की भर्ती अनिवार्य होगी। इसमें देशी-विदेशी शिक्षक शामिल हो सकते हैं। संस्थान महज 40 फीसदी शिक्षक ही कांट्रेक्ट पर रख सकेंगे। नियमित शिक्षक होने के चलते गुणवत्ता, शोध में सुधार होगा।
जियो और भारती को भी लाभ :
रिलायंस का जियो और एयरटेल की भारती यूनिवर्सिटी को भी इसमें लाभ मिलेगा। दरअसल रेगुलेशन में ऐसे संस्थानों को ग्रीनफील्ड वर्ग के तहत नियम व शर्ते लागू की गई हैं। तीन सालों में ग्रीनफील्ड के तहत नियमों व शर्तों को पूरा करना है।