रघुराम सुबह अपने घर से ये कहकर निकले थे कि वह कालकाजी वाले मकान को बेचने के लिए बात करने के लिए जा रहे हैं। जब वह शाम तक घर नहीं पहुंचे तो उनका भतीजा रमेश उन्हें देखने मकान पर गया। फ्लेट का गेट खुला हुआ था और रघुराम ने पंखे से फांसी लगा रखी थी।
कालकाजी थाना इलाके में लॉकडाउन के कारण हुए भारी वित्तीय घाटे से परेशान होकर शुक्रवार दोपहर को कारोबारी ने खुदकुशी कर ली। कारोबारी के जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। कारोबारी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि लॉकडाउन के कारण उसे भारी वित्तीय घाटा हो गया था और उस पर पंजाब नेशनल बैंक का 14 करोड़ का लोन हो गया था। वह अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रहा है। उसकी खुदकुशी के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए और न ही तंग किया जाए। कालकाजी थाना पुलिस ने कारोबारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है।
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार रघुराम (50) परिवार के साथ हिमगिरी अपार्टमेंट में रहते थे। उनकी ओखला में गत्ते बनाने की फैक्टरी है। उनका कॉलकाजी में एल-1/256 मकान है। वह सुबह अपने घर से ये कहकर निकले थे कि वह कालकाजी वाले मकान को बेचने के लिए बात करने के लिए जा रहे हैं। जब वह शाम तक घर नहीं पहुंचे तो उनका भतीजा रमेश उन्हें देखने मकान पर गया। फ्लेट का गेट खुला हुआ था और रघुराम ने पंखे से फांसी लगा रखी थी। रमेश ने शाम साढ़े चार बजे पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुलिस उन्हें फांसी के फंदे से उतारकर अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कालकाजी थाना पुलिस स्वभाविक मौत की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट को जांच के लिए भेजा जाएगा।