आम आदमी पार्टी की कालका जी से विधायक आतिशी ने शुक्रवार को वैश्विक मंच पर 'यूनाइटेड सिटीज एंड लोकल गवर्नमेंट्स' कार्यक्रम को संबोधित किया। 'फेमिनिस्ट म्यूनिसिपल मूवमेंट: क्रिएटिंग केयरिंग सिटीज' विषय पर बोलते हुए आतिशी ने कहा कि महिलाओं का विकास दिल्ली सरकार की प्राथमिकता रही है। दिल्ली सरकार की योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रहे, इसका हर स्तर पर प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की इस सोच के कारण दिल्ली की महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है और वे पहले की अपेक्षा ज्यादा मजबूत हुई हैं।
आतिशी ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और नौकरियों में प्राथमिकता देकर सरकार उनकी जिंदगी आसान बनाने का काम कर रही है। सरकार यह मानती है कि अगर महिलाओं का सशक्तिकरण होगा तो वे अपने परिवार का ज्यादा बेहतर ढंग से विकास कर पाएंगी। इससे एक बेहतर समाज की नींव रखी जा सकेगी।
आईसीएलइआई के वैश्विक उपाध्यक्ष के रूप में विधायक आतिशी ने सतत विकास के लिए 1,750 से अधिक शहरों के एक नेटवर्क पर अपना विचार साझा किया और कहा कि दिल्ली में पिछले छह वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर जरूरी नीतिगत हस्तक्षेप, सार्वजनिक शिक्षा की गुणवत्ता में व्यवस्थित परिवर्तन, स्वास्थ्य देखभाल और परिवहन सेवाओं तक पहुंच के कारण परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया गया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में राज्य के बजट का 25 फीसद हिस्सा शिक्षा पर निवेश किया जाता है और लगभग 15 फीसद से 17 फीसद तक बजट स्वास्थ्य देखभाल में खर्च किया जाता है। निजी शिक्षा की ओर रुख करने से लड़कियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा से बाहर रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिकों का अध्ययन करने वाले एक थिंक-टैंक समूह ने पाया कि इन क्लीनिकों में जाने वाले मरीजों में 85 फीसदी महिलाएं हैं। विधायक ने यह भी साझा किया कि तीसरा महत्वपूर्ण हस्तक्षेप जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए किया गया है, वह परिवहन तक पहुंच प्रदान करना रहा है।