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दिल्ली: रात्रिकालीन कर्फ्यू समेत सारे प्रतिबंध हटाने की मांग की, उपराज्यपाल से डीडीएमए की बैठक बुलाने की मांग की

Tue, 22 Feb 2022 08:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र  भी लिखा है। व्यापारियों ने उपराज्यपाल से डीडीएमए की बैठक बुलाने और रात्रिकालीन कर्फ्यू को हटाने की मांग की है। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण की कम होती रफ्तार को देखते हुए रात्रिकालीन कर्फ्यू को हटाने की मांग व्यापारियों ने की है। व्यापारियों का कहना है कि लोडिंग व अनलोडिंग का काम रात में ही होता है। ऐसे में कर्मचारियों को बाजार पहुंचने और वहां से लौटने में परेशानी होती है। 
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रेस्तरां रात 11 बजे तक खोलने की अनुमति है। कर्फ्यू लगने की वजह से कर्मचारियों को तो परेशानी होती ही है साथ ही वहां से वापस जाने वाले लोग भी परेशान होते है। शादी-विवाह भी रात में होते हैं। मेहमानों को घर लौटने में पुलिस पूछताछ करती है। इसे लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र  भी लिखा है। 

सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि डीडीएमए की बैठक बुलाकर नाइट कर्फ्यू हटाने पर सहमति बननी चाहिए। कोरोना संक्रमण दर घट रही है, तो बाकि प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाना चाहिए। दिल्ली में 1 प्रतिशत से भी कम पॉजिटिविटी रेट है। 
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अस्पतालों में बेड खाली पड़े हैं। दिल्ली में कोरोना की पांचवी लहर समाप्ति की ओर है। लिहाजा उपराज्यपाल से आग्रह है कि डीडीएमए की बैठक बुलाएं। ताजा हालात पर समीक्षा करे। साथ ही अन्य सभी पाबंदियों को हटा दी जाए। 
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अभी दिल्ली के बाजारों में दुकानों को रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति है। इसे बढ़ा कर रात 10 बजे करने की आवश्यकता है। इवेंट और एग्जीबिशन इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी परेशान हैं। वे काम नहीं कर पा रहे। 

8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इस अवसर पर दिल्लीभर में कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। सीटीआई ने यह भी कहा है कि दिल्ली में बगैर मास्क वालों से 2000 रुपये का चालान वसूला जा रहा है। यह राशि काफी अधिक है। इसकी आड़ में रिश्वतखोरी बढ़ रही है। यह राशि घटाकर 500 रुपये की जानी चाहिए। 
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