केंद्रीय नौकरशाही में यूपी कैडर के घटते दबदबे का आलम यह है कि यहां अभी मंत्रालयों व अधीनस्थ विभागों में 90 सचिव हैं, जिनमें यूपी से सिर्फ छह हैं। 2016 में यूपी के 73 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। इनमें कैबिनेट सचिव सहित 16 मंत्रालयों की कमान यूपी के अफसरों के हाथ में थी। वर्तमान में जो छह सचिव हैं, उनमें खान मंत्रालय के सचिव आलोक टंडन, उर्वरक मंत्रालय में अरुण सिंघल, पर्यावरण मंत्रालय की सचिव लीला नंदन, पंचायतीराज मंत्रालय के सुनील कुमार, कार्मिक मंत्रालय में सचिव एस. राधा चौहान तथा ऊर्जा मंत्रालय के सचिव आलोक कुमार शामिल हैं।
दबाव भी...कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती भी
केंद्र में सचिव स्तर की अधिकारी जूथिका पाटणकर ने इसी महीने वीआरएस ले लिया। वहीं, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की सचिव रहीं रेणुका कुमार ने समय पूर्व राज्य वापसी पर वीआरएस की अर्जी दे दी। जिस दबाव में दोनों महिला अधिकारियों ने वीआरएस लिए, उससे बाकी अफसर भी आशंकित हैं। हालांकि, यह भी हकीकत है कि केंद्र ने प्रतिनियुक्ति के लिए 360 डिग्री का जो पैमाना निर्धारित किया है, उसमें तमाम अधिकारी खरे नहीं उतर रहे।
ये तो केंद्र में तैनाती के बावजूद नहीं आए
केंद्र सरकार ने अफसर के आवेदन व राज्य से अनापत्ति के बाद 11 अगस्त 2021 को 1990 बैच के आईएएस अधिकारी सुधीर गर्ग को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में अपर सचिव के पद पर नियुक्ति की थी। गर्ग इसके बावजूद नहीं आए। इसी तरह 13 मई 2022 को 1995 बैच के आईएएस अधिकारी मुकेश कुमार मेश्राम को संस्कृति मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्ति की थी। मेश्राम भी नहीं आए।