आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने निवेशकों से फर्जीवाड़ा कर पांच करोड़ रुपये ऐंठने के आरोप में मेसर्स ग्रीन बे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विजय गुप्ता (67) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विजय गुप्ता को नई दिल्ली के शांति निकेतन इलाके से पकड़ा गया है।
ईओडब्ल्यू के डीसीपी ओपी मिश्रा ने बताया कि शिकायतकर्ता मनीष जैन सहित 21 अन्य पीड़ितों ने मेसर्स ग्रीन बे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप है कि मालिक विजय ने निवेशकों को ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस वे स्थित सेक्टर 22 डी में सस्ते फ्लैट देने के नाम पर पांच करोड़ रुपये ऐंठ लिए। कंपनी ने 2011 में भूखंडों और फ्लैटों की बिक्री के लिए एक परियोजना शुरू की थी। आरोपी और उसके कर्मचारियों ने निवेशकों को रुपये लेने के बाद 18 महीने के भीतर फ्लैट देने का वादा किया था।
साल 2012 तक निवेशकों ने इंतजार किया, लेकिन जब उनके सब्र का बांध टूट गया तो वह कंपनी के ऑफिस पहुंच गए। ऑफिस में बिल्डर ने निवेशकों के रुपये देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दिल्ली के करीब 22 पीड़ितों ने कंपनी व उसके मालिक के खिलाफ ईओडब्ल्यू में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया।
जांच कर रही टीम को पता चला कि मालिक विजय गुप्ता ने निवेशकों से रुपये लेकर किसी दूसरी कंपनी में लगा दिया है। आरोप है कि आरोपी ने दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में निवेशकों से करीब 323 करोड़ रुपये जुटाये थे, जिसे उसने कही दूसरी जगह पर निवेश कर दिया।
जांच टीम लगातार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठीकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान आरोपी को दिल्ली स्थित उसके घर से दबोच लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया है, जहां से आरोपी की दो दिनों की पुलिस रिमांड मिल गई है। जांच टीम अब उन निवेशकों का भी पता लगा रही है, जिनसे आरोपी ने मोटी रकम वसूली थी।