दिल्ली सरकार की सालों पुरानी मांग को दरकिनार करते हुए केंद्रीय करों में हिस्सेदारी इस बजट में भी नहीं बढ़ाई है। पहले की तरह इस साल भी केंद्रीय करों में से दिल्ली का हिस्सा 325 करोड़ ही रखा गया है जबकि दिल्ली को मिलने वाले कुल फंड में 138 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 2021-22 के संशोधित बजट के 1030.01 करोड़ रुपये की जगह 2022-23 के बजट में यह रकम 1168 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।
दिल्ली को अलग-अलग मद में मिलने वाली कुल वित्तीय मदद का सबसे हिस्सा केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर मिलने वाली केंद्रीय सहायता है। इस मद में दिल्ली को 626 करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि दूसरा बड़ा हिस्सा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर 325 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मिली है। यह चंद्रावल जल शोधन संयंत्र के लिए है। बीते वित्तीय वर्ष में इस मद में सिर्फ एक लाख रुपये का आबंटन किया गया था।
दूसरी तरफ दिल्ली सरकार केंद्रीय करों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग करती रही है। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि 2001 से ही दिल्ली सरकार को 325 करोड़ रुपये रकम मिल रही है। जबकि दूसरे राज्यों के केंद्रीय करों देने के लिए 5.16 लाख करोड़ रूपये का प्रावधान है। दूसरे राज्यों के बराबर ना सही पर कुछ तो बढ़ाया जाएं।
केंद्रीय बजट में दिल्ली का मिला फंड
मद 2021-22 2022-23
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 325 325
आपदा फंड 75 15
केंद्रीय सहायता 626 626
अतिरिक्ता केंद्रीय सहायता 0.01 200
सिख दंगा पीड़ित मुआवजा 4.0 2.0
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कुल 1030 1168
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नोट: सभी राशि करोड़ रूपये में है।