कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग आउटकम बजट में 80 फीसदी अंकों के साथ पास हुआ है। दिसंबर 2020 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार रिपोर्ट कार्ड में विभाग के 80 फीसदी इंडीकेटर ट्रैक पर हैं। जबकि 15 फीसदी सही तरीके से नहीं चल सके हैं। वहीं, पांच इंडीकेटर का रिकार्ड अभी तैयार नहीं है।
आउटकम बजट 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग की 56 योजनाएं शामिल की गई थी। इसमें 1616 आउटपुट व आउटकम इंडीकेटर थे। इनमें से 499 को बेहद अहम माना गया था। इसके आधार पर तैयार विभाग के रिपोर्ट कार्ड में 80 फीसदी इंडीकेटर ट्रैक पर पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 9 से 11 महीने की आयु वर्ग के लगभग 1.82 लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया।
लक्ष्य 2.96 लाख बच्चों के टीकाकरण का था। दिसंबर 2020 तक 750 मोहल्ला क्लिनिक स्थापित किए जाने की योजना थी। कोविड महामारी के बावजूद भी 496 क्लिनिक स्थापित किए गए। एक क्लिनिक में प्रतिदिन 97 रोगियों को चिकिस्ता सुविधा उपलब्ध कराई गई। मार्च में कोरोना की शुरुआत के बाद से 31 दिसंबर 2020 तक कुल 87.8 लाख कोविड जांच की गई, जिसमें 31.3 लाख आरटी-पीसीआर जांच थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त कोविड के सबसे ज्यादा केस आ रहे थे, उस दौरान दिल्ली सरकार ने प्रतिदिन 90,000 से भी अधिक जांच की, जो न केवल किसी एक शहर या राज्य में, बल्कि पूरे विश्व में प्रतिदिन जांच की अधिकतम संख्या है। सभी मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अपने अस्पतालों, औषधलायों और आम आदमी मोहल्ला क्लीनिकों में 330 जांच प्रयोगशाला बनाई।