मनोज तिवारी ने यमुना नदी में प्रवेश करके की पूजा
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कोविड काल की छठ पूजा पर बुधवार शाम को यमुना नदी के किनारे सियासी घमासान मचा रहा। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की मनाही के बावजूद भाजपा सांसद मनोज तिवारी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता व भाजपा समर्थकों के साथ सोनिया विहार छठ घाट पर यमुना नदी में पूजा की।
इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी कहा-सुनी भी हुई। उधर, यमुना बाजार घाट की सीढ़ियों पर टब में छठ पूजा कर रहे व्रतियों को पुलिस ने भगा दिया। आईटीओ घाट पर पुलिस का सख्त पहरा था। सांसद प्रवेश वर्मा घाट के किनारे बने कृत्रिम तालाब पर ही मौजूद रहे।
गीता कालोनी घाट पर भी पुलिस की सख्ती दिखी। छठ व्रतियों को पुलिस ने समझाकर कृत्रिम तालाबों की तरफ भेज दिया। झाग से पटे कालिंदी कुंज की दिल्ली ने पानी के छिड़काव के साथ नावें उतारकर सफाई करवाई, लेकिन छठ व्रतियों को घाट पर जाने की मनाही थी।
करीब 5:30 बजे उत्तर पूर्वी संसदीय क्षेत्र से सांसद मनोज तिवारी सोनिया विहार पुश्ता पर पहुंचे और यमुना नदी की तरफ जाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिस ने डीडीएमए की पाबंदी का हवाला देते हुए उनसे आगे न बढ़ने की अपील की।
समर्थकों से घिरे सांसद ने पुलिस से कहा-सुनी शुरू कर दी। मनोज तिवारी से पुलिसकर्मियों से कहा कि उनको घाट तक जाना है। हमें घाट की सफाई करनी है। यमुना जी की सफाई करनी है। उन्होंने सवाल किया कि यमुना जी की गंदगी कौन साफ करेगा। इस पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डीडीएम के आदेश के अनुसार ही इस बार नदी तक जाने की मनाही है। आपसे गुजारिश है कि आगे न जाएं।