पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बीच जल बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टेंडर मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बीच आम आदमी पार्टी ने जल बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए हैं। आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रवेश वर्मा के दिल्ली जल बोर्ड का अध्यक्ष बनने के बाद से बोर्ड बैठकों के मिनट्स में टेंडरों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल से मामले पर ध्यान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले जल बोर्ड की बैठकों के मिनट्स में टेंडर लेने वाली कंपनी या ठेकेदार का नाम और एल-1 कीमत स्पष्ट रूप से दर्ज की जाती थी। इससे करदाताओं और मीडिया को सार्वजनिक धन के इस्तेमाल की निगरानी में मदद मिलती थी। उन्होंने दावा किया कि अगस्त 2025 के बाद से इन जानकारियों को मिनट्स से हटा दिया गया है। अब करोड़ों रुपये के टेंडर और अनुबंधों के महत्वपूर्ण विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा मिनट्स में केवल सामान्य बजट अनुमान और आंतरिक विभागीय कोड या प्रस्ताव संख्या जैसी सूचनाएं दिखाई देती हैं।
आप नेता ने आरोप लगाया कि टेंडर की अंतिम कीमत और ठेका हासिल करने वाली कंपनी का नाम छिपाने से सरकारी धन का इस्तेमाल होने के बारे में जानकारी नहीं मिल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी तो दिल्लीवासी सार्वजनिक धन के इस्तेमाल की निगरानी कैसे करेंगे। भारद्वाज ने इसे दिल्ली जल बोर्ड की स्थापित पारदर्शी प्रक्रिया के विपरीत बताया। उन्होंने 650 करोड़ रुपये के कथित स्वास्थ्य घोटाले का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एसीबी की रिपोर्ट में महत्वपूर्ण फाइलों के नष्ट किए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने आशंका जताई कि टेंडर संबंधी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की ऐसी व्यवस्था भविष्य में जल बोर्ड की महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को लेकर भी समस्या पैदा कर सकती है।