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बर्ड फ्लू: पशु बाजार में उचित लाइसेंस और बुनियादी ढांचे का अभाव बना देते हैं बीमारियों का केंद्र

Mon, 11 Jan 2021 09:28 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका - फोटो : ANI
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दिल्ली में बढ़ रहे बर्ड फ्लू के प्रकोप से सरकार सतर्क हो गई है। मामले की पुष्टि होने के बाद दिल्ली सरकार ने कई एहतियात कदम उठाए हैं। इस गंभीर बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई है। याचिका यह सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश देती है कि गाज़ीपुर पोल्ट्री बाज़ार में और उसके आस-पास कोई पक्षी नहीं हैं। दलील में कहा गया कि पशुओं के बाजार में उचित लाइसेंस के बिना और कानून द्वारा अनिवार्य बुनियादी ढांचे के अभाव में यह बीमारियों का केंद्र बना देता है।
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दिल्ली से जालंधर लैब जांच के लिए भेजे गए पक्षियों के सैंपल में से आठ सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह से एक्शन में आ गई है। दिल्ली में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद दिल्ली सरकार ने बाहर से आने वाले जिंदा पक्षी या पैक चिकन पर भी रोक लगा दी है।

 उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली वासियों से अपील की है कि उन्हें बर्ड फ्लू के खतरे से घबराने की या चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी एहतियात के कदम उठा रही है। दिल्ली के बाहर से आने वाले प्रॉसेस्ड चिकन यानी पैक चिकन भी पाबंदी लगाने का फैसला लिया गया है।
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इसके साथ ही मयूर विहार पार्क और संजय झील को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। इन्हीं दोनों जगहों के सैंपल बर्ड फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं। बता दें कि बीते शनिवार को ही पक्षियों के मरने की खबर आने के बाद दिल्ली सरकार ने गाजीपुर मुर्गा मंडी को भी दस दिन के लिए बंद करने का आदेश दिया था और जिंदा पक्षी दिल्ली में लाने पर पाबंदी लगा दी थी।
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