-पूरी तरह से आधुनिक लैब पर करीब 1.38 करोड़ रुपये का होगा खर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज में नए सिरे से बायोसेफ्टी लैब (बीएसएल)-2 लैब स्थापित होगी। इसके लिए जेएनयू प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। छात्र लैब में अलग-अलग वायरस और बैक्टीरिया पर अध्ययन कर सकेंगे।
पूरी तरह से आधुनिक यह लैब करीब 1.38 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जाएगी। इस संबंध में निविदा भी जारी की जा चुकी है। एक अधिकारी ने बताया, बायोसेफ्टी लैब जेएनयू में पहले से थी। अब उसे पूरी तरह से नए सिरे से तैयार किया जाएगा। निविदा में लैब का नवीनीकरण और अपग्रेड करना शामिल है। यह लैब लगभग 1200 वर्ग फीट में तैयार होगी। छात्रों को बेहतर संसाधनों के साथ लैब उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया गया है।
बायोसेफ्टी लैब में मध्यम जोखिम वाले संक्रामक कारकों पर अध्ययन किया जाता है। जो सांस लेने या त्वचा के संपर्क से फैलते है। इसमें टीबी, निमोनिया, मलेरिया जैसे दूसरी बीमारियां शामिल हैं। कुछ दिन पहले आईआईटी दिल्ली में भी बायोसेफ्टी लेवल-3 लैब शोध सुविधा की शुरुआत शोधार्थियों के लिए गई थी। इसमें वायु जनित अत्याधिक संक्रामक रोगजनक पर शोध किया जा सकेगा।