मृत मां बेटे की शिनाख्त 30 साल की ममता और तीन साल के अंशुल के रूप में हुई है। ममता अपने पति रोहतास और तीन साल के बेटे के साथ इमारत के पिछले हिस्से में बने एक कमरे में रह रही थी। उसका पति यहां का केयर टेकर है और मजदूरी करता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार दोपहर एक बजे पुलिस को अरिहंत नगर स्थित एक पुरानी इमारत का छज्जा गिरने और उसमें मां बेटे के दबे होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पंजाबी बाग थाने से सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे। वहां पर काफी भीड़ जमा थी। इसी दौरान दमकल विभाग की दो गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गई।
जांच के दौरान पुलिसकर्मियों को पता चला कि एक महिला अपने तीन साल के बच्चे के साथ इमारत के गलियारे में ढहे हुए कंक्रीट शेड के नीचे फंस हुए हैं और गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दमकल विभाग के उपकरणों की मदद से पुलिस ने कंक्रीट शेड को हटाकर मां बेटे को बाहर निकालकर संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरू की।
जांच में पता चला कि मूलत: संभल यूपी के वहीपुर गांव का रहने वाला रोहतास इमारत का केयर टेकर है। इस इमारत के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के समय ममता गलियारा में आकर अपने बच्चे को गोद में लेकर घूम रही थी। इसी दौरान अचानक छज्जा उसके ऊपर गिर गया और दोनों मां बेटे उसके नीचे दब गए। पुलिस अधिकारी का कहना है कि इमारत काफी पुरानी है और इम इमारत में कई साल से कोई मरम्मत का काम नहीं हुआ है। पुलिस इमारत के मालिक की पहचान करने में जुटी है। फिलहाल पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन कर रही है।