विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह, दिल्ली में कई जगहों पर एकत्रित होती है भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। धीमी गति से बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच विशेषज्ञों ने नए साल के जश्न में सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में फ्लू के मामले बढ़ते हैं। मौजूदा समय में अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। अनुमान है कि हर परिवार में कोई न कोई खांसी, जुकाम, बुखार या फ्लू के लक्षण से परेशान है। यदि इस दौरान नए साल के जश्न के दौरान लापरवाही बढ़ती है तो कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। ऐसा होने पर गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज, बुजुर्ग और बच्चों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचना चाहिए, साथ ही मास्क का प्रयोग करना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कोरोना के 45 सक्रिय मामले हैं। दिल्ली में जेएन.1 वैरिएंट का एक मामला सामने आया है।
सफदरजंग अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के निदेशक, प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि जेएन.1 ओमिक्रॉन का एक उप-संस्करण है। फिलहाल इसे लेकर चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है। जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना चाहिए। लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि फिलहाल घबराने की कोई बात नहीं है। यदि किसी व्यक्ति में कोई लक्षण है तो जांच करवानी चाहिए।
ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव
अस्पताल में कोरोना के लक्षणों के साथ पहुंच रहे ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में वैसे भी फ्लू काफी सक्रिय रहा है। यह कोरोना की तरह ही परेशान करता है।