नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कर्मचारियों के साथ मारपीट करने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट की ओर से दोषी ठहराए गए आप विधायक सोमनाथ भारती को राहत प्रदान कर दी। अदालत ने भारती को मिली दो वर्ष की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें अपील के निपटारे तक जमानत प्रदान कर दी। इतना ही नहीं अदालत ने इस मुद्देे पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत के समक्ष भारती ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए सजा पर रोक लगाने व अपील के निपटारे तक जमानत प्रदान करने का आग्रह किया था। अदालत ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न अपील स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 20 मई तय की है।
राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विकास डल्ल ने 23 मार्च को ही भारती को मिली दो वर्ष की सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेजने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट में दायर अपील में भारती ने तर्क दिया कि उनको फर्जी तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि निचली अदालत इस तथ्य को समझने में असफल रही है कि उन पर करीब 300 लोगों को एकत्रित कर उनको भड़काने का आरोप है लेकिन मामले में मात्र पांच लोगों को ही आरोपी बनाया गया। वहीं, निचली अदालत ने अन्य सभी को बरी कर दिया।
भारती ने कहा कि आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था और उनके खिलाफ मात्र राजनीतिक कारणों से मुकदमा दर्ज किया गया था। वे विधायक होने के नाते इलाके की लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
उन्होंने अदालत से उनको प्रदान सजा को अपील के निपटारे तक निलंबित करने व जमानत प्रदान करने का आग्रह किया है। इस मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट के एसीएमएम की अदालत में 22 जनवरी को दोषी ठहराया था और 23 जनवरी को सजा दी थी। विधायक भारती ने सजा के खिलाफ सत्र अदालत में अपील की थी।
सत्र अदालत भारती के अपील को आंशिक संशोधन करते हुए ठोस साक्ष्य के अभाव में छोटी सजा को निरस्त कर दिया था, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और व उपद्रव करने के आरोप में मिली दो वर्ष की सजा को बरकरार रखा है। उन दोनों धाराओं के तहत मिली सजा के अनुसार सोमनाथ भारती को दो साल जेल में रहना होगा और उन्हें एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना भरना होगा।
यह मामला 2016 का है। पेश मामले में आप विधायक सोमनाथ भारती के खिलाफ 9 सितंबर 2016 को एम्स के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने हौजखास थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। सुरक्षा अधिकारी का आरोप था कि भारती अपने करीब 300 समर्थकों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और वहां बनी दीवार को तोड़ दिया और हंगामा किया था।