दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता नौशाद अहमद खान ने अदालत को बताया कि इस मामले पर संबंधित अधिकारी सक्रिय रूप से विचार कर रहे है। उन्होंने कहा कि कोविड और याचिकाकर्ताओं की दयनीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को राजधानी में कोरोना महामारी के चलते बंद स्पा सेंटरों को खोलने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। इस मुद्दे पर एक और याचिका दायर की गई है।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने दिल्ली सरकार के अधिवक्ता से सरकार का पक्ष दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 20 अगस्त तय की है। पहले से दायर याचिका पर भी इसी दिन सुनवाई होनी है।
दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता नौशाद अहमद खान ने अदालत को बताया कि इस मामले पर संबंधित अधिकारी सक्रिय रूप से विचार कर रहे है। उन्होंने कहा कि कोविड और याचिकाकर्ताओं की दयनीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
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यह याचिका दिल्ली वेलनेस स्पा ने अधिवक्ता एचडी थानवी के जरिए दायर की है। उन्होंने राजधानी में स्पा के कामकाज को फिर से खोलने और अनुमति देने की मांग करते हुए कहा कि इस पेशे में बहुत से लोग भूखे मर रहे हैं। इससे पूर्व दायर याचिका में कहा था कि दिल्ली में पूरी तरह से जिम, सैलून, आयुर्वेदिक सेंटर को जून में खोलने की इजाजत दे दी है, लेकिन स्पा सेंटरो को खोलने के लिए आदेश जारी नहीं किया।
उन्होंने कहा कि स्पा केंद्रों को फिर से खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने में मनमानी, गैरकानूनी, अनुचित तरीके से देरी की जा रही है। इतना ही नहीं दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की दिशा-निर्देशों के विपरीत दिल्ली सरकार ने सैलून, जिम व योग संस्थानों को जिस आधार पर खोलने की अनुमति दी है, यह अत्यधिक भेदभावपूर्ण है।