प्रदर्शनकारियों ने नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग करते हुए तख्तियों के साथ सरकार विरोधी नारे लगाए। उनकी प्रमुख मांग सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की थी।
सरकारी कर्मचारियों के तौर पर मान्यता सहित दूसरी मांगों के समर्थन में सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली राज्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने रोष जताया।
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प्रदर्शनकारियों ने नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग करते हुए तख्तियों के साथ सरकार विरोधी नारे लगाए। उनकी प्रमुख मांग सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास से कुछ मीटर पहले ही रोक दिया, इसके बाद धरने पर बैठ गए, लेकिन विरोध जारी रखा।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में कर्मचारी का दर्जा हमारा अधिकार है लिखी तख्तियां थी, जिसे प्रदर्शनकारियों ने साथ लेकर विरोध दर्ज कराया। यूनियन की अध्यक्षा शिवानी कौल ने कहा कि दिल्ली के अधिकतर आंगनवाड़ी सेंटर पर ताले लगे रहे। पिछले कई महीनों से आंगनवाड़ी कर्मी अपनी मांगों के समर्थन संघर्ष कर रहीं हैं, लेकिन न तो विभाग और न ही सरकार की तरफ से कोई पहल की गई।