रकाबगंज गुरुद्वारे में शुरू किए गए कोविड केयर सेंटर में फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा दो करोड़ रुपये दिए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। सिख राजनीति इस पर गरमा गई है। सिखों ने इसका खुलकर विरोध किया है। सोशल मीडिया पर भी कई विरोध दर्ज करा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना गुट) के गुरमीत सिंह शंटी ने इसे लेकर अकाल तख्त में शिकायत की है।
वहीं जागो पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा कि ना केवल रकाबगंज बल्कि गुरुद्वारा बंगला साहिब में बने डायग्नोस्टिक सेंटर का भी सभी खर्च अमिताभ बच्चन ने दिया है। सिख नेताओं का दावा है कि 31 अक्तूबर 1984 को जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का शव तीन मूर्ति भवन पर रखा गया था तब नेहरू गांधी परिवार के खास मित्र अमिताभ बच्चन ने खून का बदला खून के नारे लगाए थे। जो उस समय दूरदर्शन पर प्रसारित भी हुए थे।
सिख नेताओं का मानना है कि अमिताभ बच्चन ने सिखों के खिलाफ दंगा करने के लिए लोगों को उकसाया था। इसलिए ऐसे व्यक्ति से गुरुद्वारा परिसर में चलने वाले किसी भी कार्य के लिए दान लेना गलत है। मंजीत सिंह जीके ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी को कमेटी की सेवा मिलने पर 2 करोड़ रुपये अमिताभ बच्चन को वापस लौटाएं जाएंगे।
वहीं, 1984 सिख दंगों की मुख्य गवाह निरप्रीत कौर ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र लिखकर कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को अकाल तख्त पर तलब करने की मांग की है। गुरमीत सिंह शंटी ने भी पत्र लिखकर अकाल तख्त में इस बाबत शिकायत की है। कहा कि 2011 में जब अमिताभ बच्चन को पंजाब सरकार ने आनंदपुर साहिब में विरासते खालसा के उद्घाटन के लिए बुलाया था तब सिखों ने इसका जमकर विरोध किया था।
जागो पार्टी के परमिंदर सिंह ने कहा कि अमिताभ बच्चन द्वारा 2 करोड़ रुपये गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के कोविड सेंटर के लिए देने का विवाद अभी थमा भी नहीं था। तभी अमिताभ बच्चन के लिखे ब्लॉग के हवाले से पता चला कि पिछले दिनों गुरुद्वारा बंगला साहिब में स्थापित हुए डायग्नोस्टिक सेंटर का सारा खर्च भी अमिताभ बच्चन ने किया था।
हालांकि दिल्ली कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया था कि डायग्नोस्टिक सेंटर में स्थापित हुई लगभग 10 करोड़ रुपये की मशीनें किसी परिवार ने दी हैं। सिरसा के झूठ का खुलासा हो गया है। इस विवाद के बाद गुरुद्वारा कमेटी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बोला है। कमेटी महासचिव हरमीत कालका ने सिर्फ इतना कहा कि विवाद पैदा करने वालों के पास कोई काम नहीं है। इसलिए वो विरोध कर रहे हैं। कमेटी का पहला मकसद है लोगों की जान बचाना, और कमेटी वही काम कर रही है।