शाहदरा जिले के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले गैंग के दो सदस्यों को आनंद विहार इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रोहिणी निवा अंशुमन (31) और तिलक नगर निवासी कार्तिक (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 17 रेमडेसिविर इंजेक्शन और एक होंडा सिटी कार बरामद की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त साथिया सुंदरम ने बताया कि शुक्रवार रात जिले के एएटीएस की टीम को सूचना मिली कि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाला आरोपी अंशुमन कार से क्रॉस रीवर मॉल के पास आने वाला है। पुलिस ने फौरन मौके पर जाल बिछा दिया। इस बीच मुखबिर के इशारे पर रात करीब 8.15 बजे पुलिस ने होंडा सिटी कार सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया।
पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने इनको काबू कर लिया। पुलिस ने एक पॉलिथीन में कार्तिक के पास से सात और अंशुमन के पास से 10 इंजेक्शन बरामद किए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह कोविप्री के नाम से रेमडेसिविर के नकली इंजेक्शन बेच रहे थे। आरोपियों के खिलाफ आनंद विहार थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक में आरोपियों ने बताया कि दोनों बेरोजगार हैं। इन लोगों ने लक्ष्मी नगर निवासी अनिल के जरिये नोएडा में रहने वाले आकर्षण से इंजेक्शन खरीदे थे। आरोपी बेहद कम कीमत में इंजेक्शन खरीदकर उसे 35 हजार रुपये में बेच रहे थे।
इन लोगों ने दिल्ली के पश्चिम विहार, पश्चिम दिल्ली और रोहिणी के कई इलाकों में दर्जनों लोगों को इंजेक्शन बेच भी दिए हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लोगों ने किन-किन को इंजेक्शन बेचे। आरोपी कार्तिक ओपन से ग्रेजुएट है जबकि अंशुमन 12वीं कक्षा पास है।