| साल |
पुरुष मरीज |
महिला मरीज |
| 2016 |
49780 |
38132 |
| 2017 |
50590 |
43128 |
| 2018 |
54360 |
45110 |
| 2019 |
55933 |
45523 |
| 2020 |
22216 |
45523 |
महिला-बच्चियों पर हर तरफ से असर
प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन की सोनल कपूर बताती हैं कि महामारी का लैंगिक प्रभाव काफी रहा है। महिला और बच्चियों पर हर तरफ से असर डाला है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा में बढ़ोतरी, घरेलू हिंसा, महिला स्वास्थ्यकर्मी, महिलाओं के स्वास्थ्य, नौकरी गंवाना, वेतन न मिलना, पढ़ाई और पलायन सबसे बड़े असर हैं। ऐसी बहुत सी महिलाएं दिल्ली के ही अलग अलग इलाकों में है जिन्हें कोरोना संक्रमण होने के बाद भी उपचार नहीं मिला लेकिन वे घर में रहकर ठीक भी हो गईं। इनमें कई पोस्ट कोविड के चलते वे खुद को पहले जैसा स्वस्थ्य महसूस नहीं कर पा रही हैं लेकिन गरीबी और कम जागरुकता के चलते स्वास्थ्य प्राथमिकता नहीं है।