नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) में आधारिक संरचना का विस्तार होगा। इसे लेकर विश्वविद्यालय ने कुछ डिजाइन तैयार कर लिया और कुछ संरचना के डिजाइन के कुछ हिस्से पर काम चल रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस के साथ पूर्वी व पश्चिमी कैंपस को भी संवारा जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन परियोजनाओं के लिए निविदाएं भी तैयार कर रहा है।
एनएसयूटी के मुख्य कैंपस में आठ मंजिला शैक्षणिक ब्लॉक व 20 मंजिला छात्रावास ब्लॉक की परियोजना है। शैक्षणिक ब्लॉक में 3500 छात्र व छात्रावास में 2880 क्षमता की सुविधा मिल सकेगी। गत आठ मई को कार्य समिति की बैठक में सरंचना का डिजाइन पारित हो गया है। छात्र व स्टाफ की सुविधा का ध्यान रखते हुए ब्लॉक को पूरी तरह वातानुकूलित बनाया जाएगा। साथ ही पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए इसमें दो मंजिला पार्किंग का भी निर्माण किया जाएगा।
प्रत्येक छात्रावास 480 के क्षमता के बनेंगे
छात्रावास में चार छात्रावास लड़कों के लिए व दो छात्रावास लड़कियों के लिए बनाए जाने का प्रस्ताव है। प्रत्येक छात्रावास को 480 की क्षमता वाला बनाया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने डिजाइन तैयार कर लिया है, जिसकी समीक्षा की जा रही है। नए छात्रावास बनने से बाहरी छात्रों को होने वाली परेशानी खत्म हो जाएगी।
आठ नई स्मार्ट कक्षाओं का हो रहा निर्माण
विश्वविद्यालय पढ़ाई की स्मार्ट तकनीक पर जोर दे रहा है। इसके तहत आठ नई स्मार्ट कक्षाओं का निर्माण किया जा रहा है। ब्लॉक आठ- ए व पांच में पुरानी कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं में तब्दील किया जा रहा है, जिसके लिए छह करोड़ रुपये की निविदा तैयार की गई है। करीब 716 विद्यार्थियों की क्षमता वाली इन कक्षाओं को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया जा रहा है।
वहीं, छात्रों की सुविधा के लिए इसमें ऑडियो-वीडियो की भी व्यवस्था की जा रही है, जिससे कक्षा में शामिल न होने पर भी छात्र कहीं से भी कक्षा में लाइव जुड़ सकते हैं। वहीं, परियोजना के तहत अन्य 11 पुरानी कक्षाओं को भी स्मार्ट कक्षा में तब्दील किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने पूर्वी और पश्चिमी कैंपस में सुविधा बढ़ाने के लिए परियोजना तैयार की है।
इसके तहत दोनों कैंपस में छात्रावास बनाने के लिए वास्तुकार को नियुक्त किया गया है। पूर्वी कैंपस में लड़कियों के लिए छात्रावास तैयार करने की योजना है। इसमें 120 छात्राओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। साथ ही कंप्यूटर केंद्र, स्मार्ट कक्षा व कंप्यूटर लैब की सुविधा होगी। वहीं, पश्चिमी कैंपस में भी स्मार्ट कक्षाओं को बनाया जाएगा।