राजीव गांधी कैंसर संस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मरीजों को निशुल्क इलाज नहीं दिए जाने पर एक बार फिर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका पर पांच मई को सुनवाई होगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला के समक्ष याचिका पर सुनवाई तय थी। न्यायमूर्ति चावला ने व्यक्तिगत कारणों से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। यह याचिका गैर सरकारी संगठन सोशल ज्यूरिस्ट की ओर से दायर की गई है।
याची की और से पेश अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं शोध केंद्र में ईडब्ल्यूएस को निशुल्क इलाज मुहैया नहीं कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अस्पताल को इसी शर्त पर भूमि का आवंटन किया गया था कि वह 10 फीसदी भर्ती मरीज और 25 फीसदी ओपीडी में ईडब्ल्यूएस मरीजों का निशुल्क इलाज करेंगे।