दिल्ली, बोधगया और अयोध्या में आतंकी हमले के इनपुट पहले से थे। सुरक्षा एजेंसियां इन्हें लेकर काफी चौकन्नी भी थीं, मगर किसान आंदोलन व लाल किले की हिंसा के चलते उनका ध्यान बंट गया। इसी कारण चौकसी में कुछ कमी आ गई। इसका परिणाम यह रहा कि बीटिंग रिट्रीट समारोह से महज दो किलोमीटर दूर बम धमाका कर आतंकियों ने सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा दिया।
खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली समेत कई राज्यों की पुलिस को 23 जनवरी को इनपुट दिए थे कि आतंकी दिल्ली, बोधगया और अयोध्या में हमला कर सकते हैं। 24 जनवरी के अंक में ‘अमर उजाला’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इनपुट में कहा गया था कि देशविरोधी ताकतें एक हो गई हैं। इसके बाद ही दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया था।
खुफिया एजेंसियों ने कहा था कि आतंकी संगठन 26 जनवरी और उसके बाद दिल्ली, अयोध्या व बोधगया में हमला करने की फिराक में हैं। रोंहिग्या घुसपैठियों का एक ग्रुप दिल्ली समेत इन जगहों पर आत्मघाती हमला कर सकता है। देश के कई उग्रवादी संगठनों ने आतंकी संगठनों से हाथ मिला लिया है। ऐसे में आतंकी संगठन दिल्ली समेत देश में कही भी टॉरगेट किलिंग करा सकते हैं।
ये आतंकी संगठन किसान आंदोलन की भी आड़ ले सकते हैं। इस बार आतंकी हमले की आशंका काफी गंभीर थी। इससे सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी हुई थी। गृह मंत्रालय दिल्ली समेत कई राज्य सरकारों व उनके पुलिस प्रमुखों के संपर्क में था।