दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2023-24 के तहत विदेशी छात्रों के यूजी, पीजी, एमफिल, पीएचडी, सर्टिफिकेट, व सर्टिफिकेट डिप्लोमा में दाखिले के लिए दाखिला प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू होगी। विदेशी छात्रों को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। जल्द ही इन छात्रों के दाखिले के लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए जाएंगे। जहां डीयू में भारतीय छात्रों के दाखिले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) के स्कोर के आधार पर होंगे, वहीं विदेशी छात्रों को सीयूईटी नहीं देना है। इन छात्रों के दाखिले मेरिट के आधार पर ही होंगे। अलग-अलग कोर्सेज के मुताबिक अप्रैल-मई व जुलाई तक आवेदन लिए जाएंगे।
डीयू में संयुक्त डीन (विदेशी छात्र रजिस्ट्ररी) प्रो. अमरजीव लोचन ने बताया कि पांच या छ: मार्च तक विदेशी छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। विदेशी छात्रों के लिए बीते सालों की तरह दाखिले मेरिट के आधार पर ही होंगे। जल्द ही दाखिला शेड्यूल व दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के छात्रों को दाखिले में प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद भी विदेशी छात्रों का डीयू में पढ़ने का क्रेज कम नहीं हुआ। बीते तीन सालों में यहां दाखिला लेने वालों की संख्या बढ़ी है।
डीयू अपने शैक्षणिक माहौल व कोर्सेज के लिए विदेशों में भी पहचाना जाता है इसलिए हर साल विदेशी छात्रों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डीयू के विभिन्न कोर्सेज में शैक्षणिक सत्र 2020-21 में करीब 550 से अधिक विदेशी छात्रों ने दाखिला लिया। जबकि 2021-22 में करीब 615 व 2022-23 में 635 छात्रों ने दाखिला लिया था।
कोरोना महामारी के दौरान हमारे पड़ोसी देशों नेपाल व अफगानिस्तान से कम छात्रों ने यहां दाखिला लिया। अब हमारा फोकस अपने पड़ोसी देशों से आने वाले छात्रों की संख्या को बढ़ाने पर है। हम सभी देशों के छात्रों को डीयू की ओर खींचने के लिए भारत में मौजूद विभिन्न देशों के दूतावासों से भी संपर्क करेंगे। डीयू में विदेशी छात्रों के लिए विभागों व कॉलेजों में दाखिले के लिए पांच फीसदी व पीएचडी स्तर पर दस फीसदी कोटा होता है।
इन देशों से ज्यादा छात्र दाखिला लेते हैं
डीयू में वैसे तो हर देश के छात्र दाखिला लेते हैं लेकिन कुछ देशों से ज्यादा छात्र यहां पढ़ने आते हैं। इनमें नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, कनाडा, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन, तिब्बत, बांग्लादेश, कजाकिस्तान, रशिया, कोरिया, नाइजीरिया, सूडान, ईराक, इथोपिया जैसे देश शामिल हैं। बीते कुछ सालों में मेक्सिको, नीदरलैंड, लाओस जैसे देशों के छात्र भी दाखिला ले रहे हैं।