आर्थिक अपराध शाखा ने लकी ड्रॉ में नकद इनाम का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पांच सौ लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुका है।
आरोपी खाद्य मंत्रालय में दस साल तक डाटा इंट्री ऑपरेटर के तौर पर काम कर चुका है। वह गाजियाबाद में साईं फाइनेंस नाम से एजेंसी खोलकर ठगी को अंजाम दे रहा था।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान बागपत जिले के रथौरा गांव निवासी संजीव कुमार के रूप में हुई है। वर्ष 2018 में कई लोगों ने आर्थिक अपराध शाखा में संजीव कुमार के खिलाफ ठगी की शिकायत की थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बृहस्पतिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने शुरुआत में कमेटी डालकर लोगों से निवेश कराकर उनका विश्वास जीता। इसके बाद उसने तीन प्रतिशत की ब्याज दर से लोगों को ऋण देना शुरू किया। लोगों का विश्वास जीतने के बाद उसने लोगों से एक स्कीम में निवेश कराया।
सौ लोगों से पांच माह तक पांच-पांच हजार रुपये निवेश करने और अगले महीने से लकी ड्रॉ में नैनो कार या एक लाख 20 हजार नकद और इसके बाद से ही महीने होने वाले लकी ड्रॉ में 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक लोगों को देने का झांसा देने लगा।
इसके साथ ही उसने दूसरी स्कीम शुरू की, जिसमें पांच सौ लोगों से दो-दो हजार रुपये निवेश कराकर उन्हें प्रतिमाह लकी ड्रॉ के लिए 50 हजार देने के साथ प्रत्येक माह दस सदस्यों को दो-दो हजार रुपये ड्रॉ के जरिये देने का झांसा दिया था। पुलिस आरोपी ने पूछताछ कर रही है।
पैसे मांगने पर सुसाइड नोट लिखकर घर से भाग गया था
शिकायत करने वालों ने पुलिस को बताया कि जब लोग आरोपी से अपने निवेश के पैसे मांगने गए, तो उसके परिवार वालों ने बताया कि संजीव सुसाइड नोट लिखकर कहीं चला गया है। काफी दिनों बाद जब निवेश करने वाले लोग उसके घर पहुंचे, तो उसकी मां और पत्नी लोगों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे।