स्टार वायर कंपनी के निदेशक एस के गोयल
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चांद की स्तह पर शुक्रवार आधी रात को जब चंद्रयान-2 उतरेगा तो उस एतिहासिक यात्रा में फरीदाबाद के लिए भी गर्व के क्षण होंगे। चंद्रयान-2 जिस मार्क-3 सेटेलाइट को लेकर चांद की यात्रा पर निकला है, उस सेटेलाइट के क्रायोजेनिक इंजन के पुर्जे औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बने हैं। शुक्रवार को फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने चंद्रयान-2 के पुर्जे बनाने
वाली कंपनी स्टार वायर के कार्यकारी निदेशक एसके गोयल को बधाई दी।
एसके गोयल ने अमर उजाला को बताया कि चंद्रयान-2 में रोबोटिक रोवर को चांद पर ले जाने वाले रॉकेट को उसके विशालकाय आकार की वजह से बाहुबली नाम दिया गया है। दरअसल इसका नाम जियोसिंक्रोनस स्टैडिंग सेटेलाइट लॉन्च व्हिकल मार्क 3 यानी जीएसएलवी मार्क-3 है। ये अब तक का सबसे शक्तिशाली लॉन्चर है, जिसे पूरी तरह से देश में बनाया गया है।
इसमें सबसे शक्तिशाली क्रायोजेनिक इंजन सी-25 लगा है जिसे सीई-20 पावर देगा। इस क्रायोजेनिक इंजन के पुर्जे फरीदाबाद स्थित स्टार वायर कंपनी में बने हैं। उन्होंने बताया कि औद्योगिक नगरी सहित उनकी कंपनी में पहले ही सेटेलाइट के पुर्जे तैयार हो चुके हैं। उनकी इस सफलता के लिए लखानी कंपनी के मालिक केसी लखानी ने भी बधाई दी।