नई दिल्ली। नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में तब्दील किए जाने के मामले में सोमवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि केंद्रीय बजट 2021 में 100 नए सैनिक स्कूल (पीपीपी मोड) से खोलने की घोषणा की गई है। इसी के तहत मध्य प्रदेश के तीन नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में तब्दील करने की योजना तैयार हो गई है। इसके अलावा छह अन्य राज्यों में 10 स्कूलों को भी चिह्नित कर लिया गया है। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में तब्दील करने की बजाय नए सैनिक स्कूल खोले जाएं। कार्यकर्ताओं ने सरकार को चेताया कि प्रस्ताव वापस लेने तक विरोध जारी रहेगा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का इस मुद्दे पर कहना है कि नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में तब्दील करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर से प्रदर्शन करते हुए संसद तक जाना था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास ही रोक लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं पर बैठकर विरोध दर्ज करते रहे। एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि नवोदय तथा सैनिक विद्यालय हर जिले में स्थापित हों। वहीं नवोदय विद्यालयों को और मजबूत करने की जरूरत है। नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में तब्दील करने से उनका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।