फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आप विधायक सोमनाथ भारती को दो वर्ष की कैद

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। एम्स के कर्मचारियों से मारपीट करने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दोषी करार दिए गए दिल्ली में मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से आप विधायक सोमनाथ भारती को अदालत ने शनिवार को दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एक लाख रुपये जुर्माना भी किया है। फैसले के खिलाफ अपील के लिए फिलहाल भारती को 20 हजार रुपये के मुचलके व एक अन्य राशि पर जमानत दे दी।
विज्ञापन

राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार पांडे ने बचाव पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि भारती को सहानुभूति के आधार पर कम से कम सजा दी जाए। अदालत ने अभियोजन अधिकारी के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि भारती पर गंभीर आरोप है और उन्हें कड़ी सजा दी जाए ताकि समाज में एक संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। इससे पूर्व भारती के अधिवक्ता ने उन्हें नेकचलनी पर रिहा करने का आग्रह करते हुए तर्क रखा कि उनका मुवक्किल एक अच्छा नेता है और फोन पर ही शिकायतें सुन कर लोगों को राहत प्रदान करता है। उनके घर में बुजुर्ग मां के अलावा दो बच्चे हैं और घर में कमाने वाला अकेला सदस्य है।
इससे पहले अदालत ने शुक्रवार को दिए अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष भारती पर लगे आरोप साबित करने में सफल रहा है। गवाहों के बयानों से स्पष्ट है कि भारती ने अपने साथियों के साथ आकर एम्स में हंगामा किया। रोकने पर कर्मचारियों से मारपीट की गई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। अदालत ने भारती को आईपीसी की धारा 323, 353, 143 के तहत व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने संबंधी धारा तीन के तहत दोषी ठहराया था। वहीं, सहआरोपी जगत सैनी, दलीप झा, संदीप उर्फ सोनू एवं राकेश पांडे को बरी कर दिया।
विज्ञापन

अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष इन आरोपियों का बिना शक अपराध साबित करने में असफल रहा है। ऐसे में वे संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं। यह मामला 2016 का है। पेश मामले में आप विधायक सोमनाथ भारती के खिलाफ 9 सितंबर 2016 को एम्स के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने हौजखास थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि भारती करीब 300 समर्थकों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और वहां बनी दिवार को तोड़ दिया और हंगामा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें