नई दिल्ली। खुद को आईपीएस और आईआरएस अधिकारी बताकर रेलवे में जीएम कोटा से नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 लोगों से लगभग ढाई करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता आवलखेड़ा, आगरा निवासी अभय शर्मा सहित एक दर्जन पीड़ितों ने आर्थिक अपराध शाखा में ठगी की शिकायत दी है। पीड़ितों ने बताया कि वर्ष 2017 में वह प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुणाल ठाकुर से हुई। उसने रेलवे में जान पहचान होने की बात कहकर टीटीई की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। कुणाल ने पहाड़गंज स्थित होटल में रागिव फिरोज और ब्रज किशोर से उसकी मुलाकात करवाई। रागिव फिरोज को आईआरएस और ब्रज किशोर को वरिष्ठ अधिकारी बताया। दोनों ने अभय से कहा कि उसके एक परिचित निदेशक हैं, जो जीएम कोटे से 70 रिक्त पदों पर उनकी नौकरी लगवा देंगे। साथ ही कहा कि वह अपने रिश्तेदार व परिचितों की भी नौकरी लगवा सकता है। इसके बाद पीड़ित की इन फर्जी अधिकारियों से रेल भवन के पास मुलाकात हुई। विश्वास हो जाने पर अभय ने अपने 40 परिचितों को नौकरी के लिए उनसे मिलवाया।
आरोपियों ने सभी से करीब 2 करोड़ 44 लाख रुपये लिए और कुछ दिन के बाद सभी का मेडिकल करवाया। दस लोगों को रेलवे भवन, नई दिल्ली का स्टांप लगा हुआ नियुक्ति पत्र डाक से भिजवाया और बाकी को बुलाकर नियुक्ति पत्र दिया। फिर देहरादून में ट्रेनिंग दी गई। वहां इनके गिरोह का सचिन मौजूद था। इस बीच वर्ष 2019 में रागिव और ब्रजकिशोर ने बताया कि उनकी डीआरएम और जीएम से बात हो गई है, सभी को झारखंड के जमशेदपुर जाना है। जहां जाने पर पता चला कि उनके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने बताया कि कई पीड़ितों ने जमीन बेचकर पैसे का इंतजाम किया था। पीड़ित ने बताया कि वह ठगी के शिकार हुए दूसरे अन्य लोगों को नौकरी के बारे में बताया था, लिहाजा उनके परिवार की ओर से उसे धमकी दी जा रही है। पिछले साल अक्तूबर माह में ही पीड़ितों ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से की थी। शिकायत को आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की छानबीन करने के बाद 21 जनवरी को मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी है।