आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने भाजपा शासित नगर निगमों पर विज्ञापन देने के मामले में गंभीर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। भारद्वाज ने कहा कि नगर निगमों ने नियमों को ताक पर रखकर एक निजी कंपनी के हवाले से निगमों की साइट पर प्रचार करने की अनुमति दी, जिससे निगमों को सौ करोड़ रूपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। यह पैसा निगमों के पास आना चाहिए था, जिससे वे अपने कर्मचारियों को वेतन देने के साथ-साथ विकास के कार्य कर पाते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे दिल्ली वासियों के पैसे का नुकसान हुआ। इसके लिए उन्होंने भाजपा से जवाब मांगा।
दिल्ली सरकार से पैसे की मांग कर रहे : आप नेता
सौरभ ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा शासित नगर निगमों ने बार-बार यह दावा किया है कि उनके पास पैसा नहीं है। वे अक्सर कहते रहते हैं कि उनके पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। इसके लिए वे दिल्ली सरकार से पैसे की मांग करते हैं, लेकिन उन्हीं की लापरवाही से दिल्ली की जनता के पैसे निजी कंपनियों की जेब में पहुंचाए जा रहे हैं और किसी स्तर पर इसका कोई विरोध नहीं किया जा रहा है।
मनमाने तरीके से विज्ञापन देने का आरोप
आप नेता ने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों के माध्यम से चौराहों, फ्लाइओवर और अन्य उन जगहों पर भी विज्ञापन के बड़े-बड़े बोर्ड लगाए गए हैं, जहां सुप्रीम कोर्ट ने विज्ञापनों की होर्डिंग्स लगाने से मना किया है। माना गया था कि इन जगहों पर विज्ञापन के बोर्ड लगाने से वाहन चालकों का ध्यान भटकता है और इससे दुर्घटना होने की आशंका बढ़ जाती है। भारद्वाज ने कहा कि इन जगहों पर विज्ञापन देने में सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों का भी गंभीर उल्लंघन किया जा रहा है और इस पर संबंधित एजेंसियों को संज्ञान लेना चाहिए।