पहलगाम घटना का जिक्र
संजय सिंह ने पहलगाम घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां हमारी बहनों के माथे के सिंदूर उजाड़े गए। इस पर 'ऑपरेशन सिंदूर' भी हुआ। लेकिन सुरक्षा किसके आदेश पर हटाई गई, इसका जवाब नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि जम्मू कश्मीर की कानून व्यवस्था किसके हाथ में है। सिंह ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी के हाथ में है।
मणिपुर और बंगाल में हिंसा
संजय सिंह ने कहा कि मणिपुर बीते तीन वर्षों से जल रहा है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या भाजपा को इसकी कोई चिंता नहीं है। वे देश का माहौल खराब और बिगड़ा हुआ चाहते हैं। उन्होंने बंगाल में चुनाव जीतने के बाद हुई हिंसा का भी उल्लेख किया। बीते दिन मुख्यमंत्री के दावेदार सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या हुई। इससे पहले तृणमूल के लोगों पर हमले हुए और उनके कार्यालय जलाए गए।
पीएम मोदी पर लगाए आरोप
संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बदलाव की राजनीति की बात करते हैं। लेकिन भाजपा पंजाब में भी यही सब करना चाहती है। उन्होंने देश और पंजाब के लोगों को ऐसी घृणा फैलाने वाली पार्टी से सावधान रहने की सलाह दी। सिंह ने याद दिलाया कि जम्मू कश्मीर में भाजपा का एक सदस्य लश्कर-ए-तैबा से जुड़ा था। मध्य प्रदेश में भी उनके कुछ कार्यकर्ता आईएसआई से जुड़े पाए गए थे। उन्होंने भाजपा की बेचैनी को उनकी चालबाजियां बताया।