सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि खादी ग्रामोद्योग का चेयरमैन रहते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कानून का उल्लंघन कर बेटी शिवांगी सक्सेना को खादी लाउंज के डिजाइन का ठेका दिया। इस मामले में उन्होंने केवीआईसी एक्ट 1961 का खुला उल्लंघन किया है। आप उनके खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने कहा कि आप ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ जांच का स्वागत किया, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक उपराज्यपाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि उनके घोटालों की जांच होनी चाहिए।
सक्सेना ने भ्रष्टाचार किया है और वे भ्रष्टाचार की आग से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने खादी ग्रामोद्योग के एक्ट का खुला उल्लंघन किया है। पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी अपने तमाम वरिष्ठ अधिवक्ताओं से राय लेकर और कोर्ट में जाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने केंद्र से उपराज्यपाल को बर्खास्त करने की मांग की। इस मौके पर आप विधायक अखिलेश त्रिपाठी, ऋतुराज झा, प्रवीण देशमुख, मदनलाल व दिनेश मोहनिया ने कहा कि वीके सक्सेना के तमाम घोटालों की सीबीआई-ईडी से जांच होनी चाहिए।
उधर, विधायक आतिशी, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक व सोमनाथ भारती ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कानून के मुताबिक कोई भी अधिकारी अपने परिवार के किसी सदस्य को ठेका नहीं दे सकता।
डिजाइन निशुल्क किया तैयार : केवीआईसी
खादी इंडिया लाउंज मामले में एलजी पर लगाए जा रहे आरोपों पर राजनिवास ने ट्वीट कर खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के एक पत्र का जिक्र किया है। पत्र में केवीआईसी ने स्पष्ट किया कि मुंबई लाउंज की परियोजना के निष्पादन की पूरी लागत 27.3 लाख रुपये थी। एक राजनीतिक दल के नेताओं की तरफ से गलत आंकड़े पेश किए जा रहे हैं। ट्वीट में केवीआईसी की तरफ से एक वेब पोर्टल को पत्र भेजा है।
केवीआईसी ने साफ किया कि 2017 में मुंबई में खादी इंडिया लाउंज तैयार किया गया था। प्रचलन के मुताबिक खादी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए लाउंज की शुरुआत की गई। उत्पादों की लोकप्रियता और बाजार में पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई। इंटीरियर डिजाइनर शिवांगी सक्सेना ने लाउंज के लिए निशुल्क डिजाइन तैयार किया। इस नेक पहल के लिए केवीआईसी ने उनका नाम अंकित किया।