प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के लिए नारेबाजी करने और उसके पर्चे व झंडे रखने के आरोप में गिरफ्तार आठ लोगों को दिल्ली की एक निचली अदालत ने जमानत देते हुए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों पर प्रतिबंधित संगठन की गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहने, उसका प्रचार व सहयोग करने के आरोप में केस दर्ज था। वहीं बचाव पक्ष के अनुसार पीएफआई पर 28 सितंबर को प्रतिबंध लगने से एक दिन पहले ये आरोपी तिहाड़ जेल में हिरासत में थे और 2 व 4 अक्तूबर को छूटे थे।
दिल्ली पुलिस ने उन्हें बारी-बारी से तीन और पांच अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद जमानत देते हुए कहा, पुलिस यह नहीं दिखा सकी कि जब आरोपी 27 सितंबर से 4 अक्तूबर तक तिहाड़ जेल में थे, तो उन्होंने बताई गई गैर-कानूनी गतिविधियों को कब अंजाम दिया? आरोपियों का पहले किसी आतंकी गतिविधि में शामिल होने का रिकॉर्ड भी नहीं है। न एफआईआर में दर्ज आरोप साबित होने पर 7 वर्ष से अधिक की सजा हो सकती है।
बचाव पक्ष का कहना था कि सभी आरोपियों को गैर-कानूनी ढंग से जेल से ही गिरफ्तार किया गया था, न कि उन जगहों से जहां से पुलिस बता रही है।