राजधानी में शुक्रवार को कोरोना के 93 नए मरीज मिले और दो मरीजों ने संक्रमण से जान गंवाई है। इस दिन 407 लोग स्वस्थ हुए और संक्रमण दर 0.13 फीसदी रही। कुल संक्रमितों की संख्या 14,34,374 हो गई हैं। इनमें से 14,08,350 स्वस्थ हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, संक्रमण से अब तक कुल 24,983 मौतें हुई हैं। मृत्युदर 1.74 प्रतिशत है। 1041 सक्रिय मामले हैं। इनमें से अस्पतालों में 623 रोगी भर्ती हैं। कोविड केयर केंद्रों में 11 और कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में एक रोगी है। होम आइसोलेशन में 313 मरीजों का इलाज चल रहा है।
विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 73,565 जांच की गई। कुल जांच में आरटीपीसीआर प्रणाली से 51,317 और रैपिड एंटीजन से 22,248 टेस्ट हुए। अभी तक दो करोड़ 16 लाख 3 हजार नमूनों की जांच हो चुकी हैं। कंटेनमेंट जोन 1041 है।
कोरोना से लोगों की मौत होने पर दो सांसादों ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधा
भाजपा के दो सांसदों ने कोरोना महामारी के दौरान यमुनापार में लोगों की मौत होने पर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं, उन्होंने यमुनापार में बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का दरवाजा खटखटाया है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी और पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने डॉ. हर्षवर्धन को यमुनापार की स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्रों की लगभग 80 से 85 लाख आबादी है और यह जनता दिल्ली सरकार की मौजूदा लचर स्वास्थ्य सेवाओं से त्रस्त हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में पीड़ितों की संसाधनों और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में मौत हो जाती है, जबकि उनको अच्छे इलाज के माध्यम से बचाया जा सकता था। इसका बड़ा सबूत इलाज के अभाव में कोरोना महामारी के दौरान हुई मौतें हैं।
उन्होंने कहा कि यमुनापार की जनता और कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग संकट के दौरान अच्छे इलाज की आशा भरी आंखों से केंद्र सरकार की ओर देख रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना से वंचित लोग जहां दिल्ली सरकार की गलत नीतियों से निराश हैं, वही लचर स्वास्थ्य व्यवस्था जानलेवा साबित हो रही है। इस कारण यमुनापार एवं सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के कई शहरों की एक बड़ी आबादी के लिए प्रधानमंत्री के एम्स विस्तार विजन के तहत यमुनापार में एक एम्स जैसे हॉस्पिटल का निर्माण किया जाए।