कोरोना को हराने के लिए देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मी के साथ-साथ सफाईकर्मियों का भी टीकाकरण किया जा रहा है। इस बीच सोमवार को दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में 69 स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई। अस्पताल के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है।
पहले दिन 100 में से केवल 31 ही लोगों ने लगवाई थी वैक्सीन
टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी शनिवार को हुई थी। लेकिन उसी दिन आरएमएल में कोवैक्सीन के बजाय कोविशील्ड वैक्सीन लगाने की मांग उठने लगी थी। रेजीडेंट डॉक्टरों ने कोवैक्सीन को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई थी। जिसके चलते शनिवार को अस्पताल में 100 में से केवल 31 ही लोगों ने वैक्सीन लगवाई थी। डॉक्टरों ने कोविशील्ड का टीका लगाने की बात एक पत्र लिखकर अस्पताल प्रबंधन के सामने रखी थी। इस मामले में जब 'अमर उजाला' ने अस्पताल प्रबंधन से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
डॉक्टरों का कोविशील्ड की वैक्सीन लगवाने पर जोर
नाम न छापने के अनुरोध पर एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में कोविड वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई जा रही है। इसमें भारत बायोटेक की तरफ से विकसित की गई कोवैक्सीन को कोविशील्ड से ज्यादा तरजीह दी जा रही है। कोवैक्सीन के तीसरे चरण के पूरे डेटा अभी सामने नहीं आए हैं, जबकि कोविशील्ड तीसरे चरण तक पहुंच चुकी है। इसके अंतरिम रिजल्ट भी आ चुके हैं। दोनों वैक्सीन सेफ्टी के मकसद से ठीक हैं, लेकिन एक वैक्सीन का सेफ्टी डेटा बाहर आ चुका है और एक का नहीं आया है। इसलिए हमारा जोर कोविशील्ड लगाने को लेकर है।