उच्च न्यायालय ने अभिनेत्री जूही चावला और दो अन्य को राहत प्रदान करते हुए लगाए गए जुर्माने को 20 लाख से घटाकर 2 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि कोर्ट ने शर्त रखी है कि उन्हें जनहित में कुछ काम करना होगा। वहीं अदालत ने 5जी रोल आउट के खिलाफ उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने जूही की याचिका पर दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) सचिव को नोटिस जारी कर अपील पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी है। अदालत ने मामले की सुनवाई 27 जनवरी तय की है।
पिछले साल जूही चावला ने 5जी तकनीक के रोलआउट के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। मुकदमे में दावा किया गया है कि 5जी तकनीक लोगों और जानवरों को रेडियोफ्रीक्वेंसी विकिरण प्रभावित करती है जो आज की तुलना में 10 से 100 गुना अधिक है।
जूही की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने सुनवाई के दौरान अदालत से जुर्माना राशि माफ करने का आग्रह किया। पीठ ने प्रस्ताव दिया कि वह जुर्माना राशि को कम कर सकते है लेकिन यह एक शर्त के साथ कि चावला को कुछ सार्वजनिक कार्य करना होगा।